कांगो के राष्ट्रपति चुनाव में शीसेकेदी की जीत पर अदालत की मुहर

किंशासाःपश्चिमी अफ्रीका के लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआरसी कांगो) की संवैधानिक अदालत ने रविवार को राष्ट्रपति चुनाव में उपविजेता की अपील को खारिज करते हुए विपक्षी नेता फेलिक्स शीसेकेदी की जीत की पुष्टि कर दी। न्यायालय के मुताबिक यूनियन फॉर डेमोक्रेसी एंड सोशल प्रोग्रेस के उम्मीदवार शीसेकेदी ने 38.5 प्रतिशत वोट हासिल करके राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वन्द्वी एवं विपक्षी उम्मीदवार मार्टिन फयुलु को महज 28 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं।

सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार इमैनुएल रमजानी शादरी इन दोनों से पीछे रहे। गत 10 जनवरी को जब शीसेकेदी चुनाव के बाद निर्वाचित घोषित किए गए तो फयुलु ने परिणाम को साफ खारिज करते हुए दावा किया कि 61 प्रतिशत मतदान जबरन हासिल किए गए हैं। साथ ही फयुलु ने संवैधानिक अदालत में अपील भी दायर कर दी जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने भी साफ खारिज कर दिया। गुरुवार को, अफ्रीकी संघ (एयू) ने डीआरसी अधिकारियों को विवादास्पद चुनाव के अंतिम परिणाम की घोषणा को स्थगित करने के लिए कहा जब तक कि एयू प्रतिनिधिमंडल सोमवार को किंशासा में शांतिपूर्ण समाधान के वास्ते मध्यस्थता शुरू करने के लिए नहीं आता।

शनिवार सुबह दिए गए एक बयान में, सरकार के प्रवक्ता लैंबर्ट मेंडे ने कहा कि अदालत स्वतंत्र है और इसे एयू प्रतिनिधिमंडल की मांग के बावजूद कानून और नियमों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुसार अपना निर्णय देना चाहिए। शीसेकेदी (55)अगले सप्ताह में नए डीआरसी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। वह वर्ष 2001 से लगातार सत्ता में बरकरार राष्ट्रपति जोसेफ कबीला का स्थान ग्रहण करेंगे।

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