दादा ने पेश की इंसानियत की मिसाल, मौत से जंग लड़ रहे पूर्व क्रिकेटर की मदद को आए आगे

स्पोटर्स डेस्क (अतुल वर्मा): अपने दौर में अलग-अलग परिस्थितियों में टीम इंडिया को उबारते हुए क्रिकेट में एक मिसाल पेश करने वाले पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने आज इंसानियत की भी मिसाल पेश की है और मौत से जंग लड़ रहे अपने पुराने साथी, पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। सौरव गांगुली ने कहा कि मुझे जैकब के बारे में पता चला है और मुश्किल समय में उनके इलाज के लिए जितना संभव हो सकेगा, मैं उतनी मदद जरूर करूंगा।

जैकब का परिवार अकेला नहीं, करूंगा संभव मदद- गांगुली

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि जैकब और मैं एक साथ खेल चुके हैं और मुझे याद है कि वो बेहद शांत स्वभाव वाला शख्स रहा। मैं उनके जल्द ठीक होने की दुआ करता हूं और उनके परिवार को बताना चाहता हूं कि वो बिल्कुल भी अकेले नहीं हैं। जैकब के इलाज के लिए जितनी संभव मदद होगी करूंगा।

इलाज के लिए पैसे खत्म होने पर BCCI और पूर्व सचिव ने भी की मदद

दरअसल 28 दिसंबर को जब जैकब किसी काम से स्कूटर से जा रहे थे, तब अचानक उनका एक्सीडेंट हो गया था और उन्हें तुरंत वडोदरा के एक अस्पताल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर्स के मुताबिक उनके फेफड़ों और लीवर में चोटें आई हैं और वो तब से ही वेंटीलेटर पर हैं। अस्पताल में जैकब के इलाज में रोजाना खर्च होने वाली राशि करीब 70 हजार रुपए है। जैकब की पत्नी ने पहले इलाज लिए 5 लाख रुपए का इंतजाम किया, लेकिन बाद में इलाज के लिए पैसों का इंतजाम ना होने पर उन्होंने इस संबंध में BCCI से मदद मांगी। इसके बाद BCCI ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्हें 5 लाख रुपए की सहायता की। BCCI के पूर्व सचिव संजय पटेल भी जैकब के इलाज में मदद कर रहे हैं और अपने पुराने साथी के बारे में पता चलने पर सौरव गांगुली ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।

गांगुली की कप्तानी में ही जैकब मार्टिन ने किया था वनडे क्रिकेट में डेब्यू

बता दें कि सितंबर 1999 को सौरव गांगुली की ही कप्तानी में जैकब मार्टिन ने वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। उन्होंने भारत के लिए 10 वनडे मैच, 138 फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैच और 101 लिस्ट-ए मैच खेले। वो बड़ौदा को रणजी ट्रॉफी के विजेता बनाने वाली टीम के कप्तान भी रहे। 

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