प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने के लिए है चीन की बीआरआई : तिब्बती नेता

वाशिंगटनः तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रमुख ने कहा है कि चीन की ‘‘बेल्ट एंड रोड इनिशएटिव’’ (बीआरआई) औपनिवेशीकरण, तिब्बत पर अधिपत्य और क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की ओर ले जाएगी। बीआरआई को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी परियोजना बताया जाता है। इसका मुख्य जोर एशियाई देशों, अफ्रीका, चीन और यूरोप के बीच संपर्क एवं सहयोग को बेहतर बनाना है। मध्य तिब्बत प्रशासन के प्रमुख लोबसांग सांगे ने इस हफ्ते वाशिंगटन डीसी की अपनी यात्रा के दौरान पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि  तिब्बत बीआरआई का खाका है। चीन को तिब्बत से जोडऩे वाली सड़क परियोजना के साथ हमारा अनुभव अच्छा नहीं है।

उन्होंने बताया, ‘‘तिब्बत में अब एक सड़क सैकड़ों सड़कों की ओर जाती है और एक रेलमार्ग तीन या चार रेलमार्ग की ओर जाता है। एक हवाई अड्डा 30 हवाईअड्डों और छह सैन्य एयरफील्ड की ओर जाता है। ये सभी सड़कें, रेलवे और हवाईअड्डा तिब्बत के प्राकृतिक संसाधनों एवं खनिज के भंडार से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा यह तिब्बत की जल, वायु और भूमि को बहुत नुकसान पहुंचाएगा।  सांगे ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमारे लिए, एक सड़क तिब्बत के औपविशीकरण की ओर, एक सड़क सभी तरह के खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों के खनन की ओर जाती है। इसलिए हमे यह सड़क नुकसान की ओर ले जाती है।

चीन की महत्वाकांक्षी बीआरआई पहल के प्रति सख्त ऐतराज दर्ज कराते हुए सांगे ने अमेरिकी नेतृत्व के साथ अपनी बातचीत में उनसे कहा कि उन्हें यह देखने की जरूरत है कि बीआरआई के चलते तिब्बत के साथ क्या हुआ है। उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व से कहा कि दुनिया को तिब्बत के अनुभवों से सबक सीखना चाहिए, ताकि वे इसे टाल सकें।  उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी सलाह है।’’      
 

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