उच्च शिक्षा को मैदानी स्तर तक पहुंचाना चुनौती : प्रो. डीपी सिंह

नई दिल्ली : डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के दसवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा को मैदानी स्तर तक पहुंचा पाना एक बड़ी चुनौती है। इस दौरान उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि भारत में उच्च शिक्षा का प्रतिशत अभी 25.4 फीसदी है, जो 2020 तक 30 फीसदी पहुंचाना है।

विकसित देशों में उच्च शिक्षा प्रतिशत 75 से 90 है। उच्च शिक्षा देश के विकास से जुड़ा मामला है।  उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को मैदानी स्तर पर पहुंचाने के अलावा शिक्षा की गुणवत्ता भी एक चुनौती है। भारत विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों की श्रेणी तक नहीं पहुंच सका है। यूजीसी द्वारा कुछ संस्थाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए गए है।  प्रो. सिंह ने बताया कि यूजीसी द्वारा शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन नैक द्वारा किया जाता है। कुछ समय पूर्व ही यूजीसी ने परामर्श नाम की नई स्कीम शुरू की है। इसमें नैक से ग्रेड प्राप्त श्रेष्ठ संस्थाएं ऐसी अन्य संस्थाओं की मदद करेंगी, जो नैक की ग्रेडिंग प्राप्त करने में सफल नहीं हो पाती हैं। 
 

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