कंडम हो चुका है अटारी बार्डर का अंतर्राष्ट्रीय समझौता गेट

अमृतसर(नीरज):एकतरफ जहां भारत सरकार की तरफ से जे.सी.पी. (ज्वाइंट चैक पोस्ट) अटारी के रिट्रीट सेरामनी स्थल की जीरो लाइन पर 40 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत खर्च करके एक बड़ा स्लाइडिंग गेट लगाया गया है और टूरिस्ट गैलरी पर 50 करोड़ से ज्यादा का खर्च किया गया है तो वहीं दूसरी तरफ भारत व पाकिस्तान के बीच बिछी रेल लाइन में अटारी बार्डर का समझौता गेट इस समय बिल्कुल कंडम हो चुका है।


इस गेट की खस्ताहालत ऐसी है कि इसको खोलने के लिए सुरक्षा एजैंसियों को बी.एस.एफ. के 6-6 जवानों की मदद लेनी पड़ती है वहां पर तैनात करने पड़ते हैं। जिसके बाद काफी जोर आजमाइश करने के बाद यह गेट खुलता है। यह वही गेट है जिसमें पाकिस्तान से समझौता एक्सप्रैस आती है और भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली मालगाड़ी का आवागमन भी इसी गेट के जरिए होता है।  हर सोमवार और वीरवार के दिन पाकिस्तान से समझौता एक्सप्रैस आती है जो दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय अटारी रेलवे स्टेशन तक आने वाले यात्रियों को पाकिस्तान ले जाती है जबकि मालगाड़ी के आने जाने का तो कोई समय ही नहीं है। इस गेट की हालत को देखकर यह सवाल भी उठता है कि आखिरकार भारत सरकार की तरफ से इस गेट की मुरम्मत क्यों नहीं करवाई जाती है और नया गेट क्यों नहीं लगाया जाता है जबकि अंतर्राष्ट्रीय अटारी रेलवे स्टेशन के सौन्दर्यीकरण पर भी केन्द्र सरकार की तरफ से करोड़ों रुपया खर्च किया जा चुका है और सारा स्टेशन इस समय वातानुकूलित है। इसके बिल्कुल दाएं तरफ आई.सी.पी. अटारी आ जाती है जिस पर केन्द्र सरकार ने लगभग 500 करोड़ रुपए का खर्च किया है।


इसी गेट के रूट से कई बार पकड़ी जा चुकी है हैरोइन
भारत-पाकिस्तान रेलमार्ग के इस सबसे पुराने गेट का महत्व इसलिए काफी ज्यादा है क्योंकि इसी गेट के रूट से बीएसएफ व अन्य सुरक्षा एजैंसियों ने कई बार हैरोइन की खेप पकड़ी है। कई बार पाकिस्तान से आने वाली मालगाड़ी के कर्मचारियों या फिर समझौता एक्सप्रैस में सवार यात्रियों ने इस गेट के आसपास आने पर हैरोइन की खेप को आसपास की झाडिय़ों में फैंका लेकिन बी.एस.एफ. के जवानों ने तस्करों के इरादों को कनाकाम कर दिया। क्योंकि बी.एस.एफ.के जवान समझौता एक्सप्रैस या मालगाड़ी के आगमन पर इन ट्रेनों के साथ साथ अपने घोड़ों पर सवार होकर चलते हैं और पैनी नजर रखते हैं।

पाकिस्तान की तरफ न कोई गेट और न ही कोई फैंसिंग
पाकिस्तान से सटे पंजाब बार्डर की बात करें तो इसके 553 किलोमीटर लंबे बार्डर पर भारत सरकार की तरफ से फैंसिंग लगाई गई है और कई बड़े-बड़े गेट भी लगाए गए हैं लेकिन इसकी तुलना पाकिस्तान की तरफ से अपने इलाके में न तो कोई फैंसिंग की गई है और न ही किसी प्रकार के गेट लगाए गए हैं।   

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