जैट एयरवेज की सभी उड़ानें बंद, 20 हजार लोगों की नौकरी पर खतरा

बिजनेस डेस्कः (सलवान): जैट एयरवेज का परिचालन आज से अस्थायी रूप से बंद हो गया है, क्योंकि बैंकों ने विमानन कम्पनी को 400 करोड़ रुपए का एमरजैंसी फं ड देने से इंकार कर दिया है। इसका मतलब है कि अभी उड़ रहे जैट के 5 विमान भी अब जमीन पर ही रहेंगे। कंपनी के सामने ‘शटरडाऊन’ के अलावा अब कोई विकल्प बचा नहीं है। कर्जदाताओं ने 400 करोड़ रुपए का आपात् फं ड देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। सरकार कंपनी के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी और कर्जदाताओं पर फैसला छोड़ दिया है। 

 

रिपोर्ट के मुताबिक जैट की आखिरी फ्लाइट आज रात 10.30 बजे उड़ेगी। मंगलवार को हुई बैठक में कंपनी के बोर्ड ने सी.ई.ओ. विनय दुबे को आखिरी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया था। भारी कर्ज में फं स चुकी कंपनी के 5 ही विमान इस समय संचालन में हैं। 25 साल पुरानी एयरलाइन कंपनी पर 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है। जैट एयरवेज के कर्मचारी एयरलाइंस को बचाने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए गुरुवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। वहीं जैट एयरवेज के अस्थायी रूप से परिचालन बंद करने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को हवाई अड्डा संचालकों तथा विमान सेवा कंपनियों की बैठक बुलाई है।


20 हजार लोगों की नौकरी पर खतरा
यदि कम्पनी बंद होती है तो 20 हजार लोगों की नौकरी चली जाएगी।  उल्लेखनीय है कि पिछले कैलेंडर वर्ष में 4,244 करोड़ रुपए का नुक्सान उठा चुकी कम्पनी द्वारा जनवरी से पायलटों, रख-रखाव अभियंताओं और प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों को वेतन दिया जा रहा था लेकिन उन्हें भी मार्च का वेतन अब तक नहीं मिला है।

अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें पहले ही स्थगित 
 जैट एयरवेज पहले ही अपने अंतर्राष्ट्रीय परिचालन को 18 अप्रैल तक स्थगित करने की घोषणा कर चुकी है। जैट एयरवेज ने मंगलवार को कहा है कि उसे एस.बी.आई. के नेतृत्व वाले बैंकों के गठजोड़ से एमरजैंसी कैश स्पॉर्ट का इंतजार है, जिससे वह अपनी सेवाओं में आ रही गिरावट को रोक सके। 


21 साल में डूबीं भारत की 12 एयरलाइंस कम्पनियां
 एक तरफ  देश में हवाई यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है तो दूसरी तरफ  घाटे की वजह से कई कम्पनियां बंद भी हो चुकी हैं। पिछले 21 वर्षों में देश में 12 एयरलाइंस कम्पनियों ने दम तोड़ा है। 1981 में शुरू हुई वायु दूत भी इसमें शामिल है। 

अखिलेश का पी.एम. पर तंज
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।  यादव ने ट्वीट किया, ‘लगता है यह प्रधानमंत्री जी अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा लोगों का रोजगार छीनने का विश्व रिकार्ड बनाकर ही हमेशा के लिए जाएंगे।  ‘विकास’ पूछ रहा है। प्रधान जी हजारों कर्मचारियों की आवाज क्यों नहीं सुन रहे हैं।’

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