PNB में 3 छोटे बैंकों का होगा विलय, खाताधारकों पर होंगे ये असर

नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक जल्द ही तीन छोटे सरकारी बैंकों का अधिग्रहण कर सकता है। इनमें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आंध्र बैंक और इलाहाबाद बैंक शामिल है। अगले तीन महीनों में PNB बैंकों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। सरकार कर्ज से लदे बैंकिंग सेक्टर की मुश्किलें दूर करने के लिए बैंकों का विलय कर रही है। 

इस साल की शुरुआत में पहली बार तीन बैंकों का विलय हुआ था। उस वक्त देना बैंक और विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा में हो गया था। इस विलय के बाद यह SBI के बाद दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया था। विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के पास 9500 ब्रांच, 13,400 ATM और 85,000 कर्मचारी हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक का विलय 1 अप्रैल से प्रभावी है।

इससे पहले 2017 में SBI ने अपने 5 सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय किया था। विलय की खबर आने के बाद मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयर 2.55 फीसदी गिरकर 86.10 रुपए पर बंद हुए। वहीं इलाहाबाद बैंक के शेयर 2.6 फीसदी गिरकर 45.15 रुपए पर बंद हुए। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के शेयर 1 फीसदी गिरकर 95.20 रुपए पर बंद हुए।

ग्राहकों पर होगा ये असर
इलाहाबाद बैंक, OBC, और आंध्र बैंक का पीएनबी में विलय से खाताधारकों पर कोई असर नहीं होगा। इलाहाबाद बैंक, OBC, और आंध्र बैंक के खाताधारकों को इस मर्जर प्रक्रिया से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बैंक जो भी फैसले लेगा उसके बारे में ग्राहकों को पहले सूचित किया जाएगा। हालांकि, खाताधारकों के लिए थोड़ा कागजी काम जरूर बढ़ जाएगा। पीएनबी में विलय के बाद इलाहाबाद बैंक, OBC, और आंध्र बैंक के खाताधारकों को नए चेकबुक, पासबुक बनवाने होंगे। इसके लिए बैंक पर्याप्त समय देगा और खाताधारकों की पूरी मदद करेगा।

एटीएम और पासबुक होगी अपडेट
इस तरह के मर्ज होने से उस बैंक के ग्राहकों का थोड़ा पेपरवर्क बढ़ जाता है। इसके लिए केवाईसी का प्रॉसेस फिर से करना होता है। वहीं, आपका एटीएम और पासबुक नए सिरे से अपडेट होता है। तो इसके लिए हल्का पेपरवर्क करना पड़ सकता है. हालांकि इसमें कुछ वक्त भी लग सकता है।

 

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