10 बधिर बच्चों का मुख्यमंत्री राहत कोष से होगा इलाज, ENT विभाग को मिले 55 लाख

शिमला:प्रदेश सरकार ने बधिर बच्चे के हित में एक बेहतरीन निर्णय लिया है। प्रदेश के 10 बधिर बच्चों का इलाज अब मुख्यमंत्री राहत कोष से होगा। यह बात आई.जी.एम.सी. के एम.एस. जनकराज ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के 10 बधिर बच्चों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा कोष के तहत 55 लाख रुपए आई.जी.एम.सी. के ई.एन.टी. विभाग को दिए हैं। इन पैसों से जल्द ही बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी होगी। बच्चों के इलाज को लेकर ई.एन.टी. विभाग ने सूची भी तैयार कर ली है। जिनमें सबसे अधिक बच्चों की संख्या जिला कुल्लू से है।

सामान्य व्यक्ति की तरह सुन सकेंगे बच्चे
आई.जी.एम.सी. में इलाज के बाद ये बच्चे भी सामान्य व्यक्ति की तरह सुन सकेंगे। इस पैसे से 10 बधिर बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी होगी। डा. जनक राज ने बताया कि एक बच्चे के आप्रेशन में करीब साढ़े 5 लाख के करीब खर्च आएगा। जिन बच्चों का इम्प्लांट होना है, उनमें कुछ बच्चे जन्म से ही बधिर हैं जबकि कुछ रूप से मूक बधिर हैं। इन बच्चों को कुछ भी सुनाई नहीं देता है और अभी ये इशारों से ही बात करते हैं।

इन बच्चों का होगा इलाज
बच्चों में कुल्लू जिले से स्वर्णिका पुत्री सतीश कुमार, हिमानी पुत्री शिवराम, अर्तिश्वर पुत्र गोपाल, मंडी जिला से रोहन ठाकुर पुत्र बोध सिंह, बिलासपुर से दीक्षा पुत्री धर्मेंद्र, कांगड़ा से लक्ष पुत्र कमल कुमार, आरुष पुत्र उपेंद्र, सिरमौर से गुंजन पुत्री कपिल ठाकुर, शिमला से सिमरन पुत्री हिमेश कुमार व ऊना से नवनीत पुत्र अरविंद का इलाज होगा।

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