नोएडा: अधूरे प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने के लिए बिल्डर्स ने रखी ब्याज माफी की मांग

Saturday, May 6, 2017 1:38 PM
नोएडा: अधूरे प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने के लिए बिल्डर्स ने रखी ब्याज माफी की मांग

नोएडाः सालों से अधूरे पड़े प्रॉजेक्ट्स को जल्द पूरा करने के लिए बिल्डरों पर पड़ रहे चौतरफा दबाव के बीच बिल्डरों की संस्था क्रेडाई ने शुक्रवार को कहा कि उनकी ओर से नोएडा अथॉरिटी को दिए जाने वाले ब्याज और देय राशि में बदलाव कर कुछ छूट दिए जाने की जरूरत है। क्रेडाई ने कहा है कि ग्राहकों को जल्द से जल्द उनका घर देने के लिए ऐसा किया जाना बेहद जरूरी है। बिल्डरों का कहना है कि अगर अथॉरिटी उनका आर्थिक बोझ कुछ कम कर दे तो इसका सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जो अपना घर मिलने का कई सालों से इंतजार कर रहे हैं।

क्रेडाई के प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि नोएडा एक्सटेंशन में 2010-11 में किसानों के आंदोलन और फिर 2013-15 एनजीटी के बैन के चलते काम पर लगी रोक को 'जीरो पीरियड' मानते हुए उसे भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार उनकी बात मान लेती है तो बिल्डरों पर लगी पेनल्टी और ब्याज का आर्थिक बोझ 20-30 प्रतिशत तक काम हो सकता है। नोएडा के टॉप बिल्डरों ने इस सिलसिले में नोएडा अथॉरिटी के सीईओ अमित मोहन प्रसाद से मुलाकात की। अथॉरिटी के सेक्टर-6 स्थित दफ्तर में हुई इस बैठक में कई दूसरे बड़ अधिकारी भी शामिल थे।

नोएडा अथॉरिटी और बिल्डर्स के बीच यह मीटिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हुई है। योगी ने हाल ही में नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन में घर खरीदने वाले लोगों से लखनऊ में मुलाकात की थी।

शुक्रवार को हुई बैठक में सभी बिल्डरों ने प्रॉजेक्ट्स पूरा करने के लिए मौखिक रूप से कमिटमेंट किया है। बैठक की विस्तृत जानकारी नोएडा अथॉरिटी द्वारा अगले सप्ताह लिखित में जारी की जाएगी। बिल्डर्स से कहा गया है कि वे चार दिन के अंदर लिखित में बता दें कि प्रॉजेक्ट्स पूरा करने के लिए उन्हें कितना वक्त लगेगा। आम्रपाली ग्रुप के पास इस इलाके में कुल 10,000 अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से 2,000 पेंडिग हैं। ग्रुप ने दावा किया है कि वह सभी पेंडिंग प्रॉजेक्ट्स 18 महीने में पूरा कर के दे देगा। उदर सुपरटेक ग्रुप ने दावा किया है कि उसकी ओर से फ्लैट देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याओं को भी दूर किया जाएगा।

एनसीआर क्रेडाई के प्रेजिडेंट मनोज गौर ने कहा, 'मीटिंग काफी अहम थी। वक्त आ गया है कि बिल्डर्स और अथॉरिटी मिलकर रास्ता निकालें और सभी पेंडिंग प्रॉजेक्ट्स पूरे किए जाएं।'



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