कश्मीर लोकसभा उपचुनावों से पहले महबूबा का दांव: किया AFSPA हटाने का वादा

Thursday, March 16, 2017 12:02 PM
कश्मीर लोकसभा उपचुनावों से पहले महबूबा का दांव: किया AFSPA हटाने का वादा

श्रीनगर : श्रीनगर और अनंतनाग लोकसभा सीटों के लिए उपचुनावों से पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को राज्य में कुछ क्षेत्रों से विवादास्पद सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफ्सपा) को हटाने का मुद्दा उठाया। साथ ही इसका प्रभाव देखने पर भी बल दिया। महबूबा जिन्होने आतंकियों के खिलाफ सख्त स्थिति को अपनाया है, ने अफ्सपा को हटाने पर बल देते हुए कहा कि आतंकियों द्वारा कब्जे में लिए गए स्थान को कम करने और सुशासन को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें शांति की खिडक़ी की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि एजेंडा ऑफ एलायंस जिसमें अफ्सपा को हटाना भी शामिल है पर पी.डी.पी. और भाजपा ने हाथ मिलाया है।


नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में दोनों दलों के बीच एजेंडा ऑफ  एलायंस को पूरे देश का समर्थन प्राप्त हुआ है और दस्तावेज में जो भी सहमति है, और चरणबद्ध ढंग से लागू किया जा सकता है। हमें कुछ क्षेत्रों से आफस्पा को हटाने की शुरुआत जैसे कदम लेने से दूर नहीं होना चाहिए। अनुभवों से पता चलता है कि अकेले शासन केवल लोगों का दिल नहीं जीत सकता है और यह जमीन पर एक ठोस राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा समर्थित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि राज्य के लिए भेदभावपूर्ण है, राज्य के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए बिजली परियोजनाओं की राज्य को वापसी पर भी सोचना चाहिए।

बनाने में मदद करने की अपील
देश के लोगों को जम्मू-कश्मीर में विश्वास बनाने में मदद करने की अपील करने हुए, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जोर देकर कहा कि राज्य के समक्ष समस्याओं को दूर करने के लिए एलओसी पर अधिक मार्ग खोले जाऐं और राजनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत हो। एल.ओ.सी के आर पार सहयोग को बढ़ावा देने से न केवल पूरे क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता होगी बल्कि शांति के साथ स्थानीय लोगों की भागेदारी भी बढ़ेगी। यह क्षेत्र उभरते आर्थिक अवसरों का केंद्र बनेगा और पूरे क्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य, पर्यटन, साहसिक कार्य आदि में सहयोग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने स्थानीय लोगों को शांति और विकास में हिस्सेदारी देने के लिए राज्य में जम्मू-सियालकोट मार्ग सहित ऐतिहासिक मार्ग खोलने की भी मांग की। राज्यपाल एन एन वोहरा ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की और अन्य वक्ताओं में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल ईएसएल नरसिंहन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी शामिल थे।

आइए झड़पों से आगे बढ़ें
जम्मू-कश्मीर को मध्य एशिया का प्रवेश द्वार बताते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि का एक गलियारा बन सकता है और देश एलओसी पर चल रही आर्थिक गतिविधियों का भारी लाभ ले सकता है। उन्होंने सेमिनार में भाग लेने वाले दुनिया भर के विभिन्न भागों से आए शीर्ष बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और सार्वजनिक नीति योजनाकारों को बताया  कि हम आर्थिक विकास में भागीदार क्यों नहीं हो सकते हैं और सी.पी.ई.सी जैसी परियोजनाओं के लाभों को साझा कर सकते हैं। आइए हम झड़पों से आगे बढ़ें।  महबूबा मुफ्ती ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य का कोई भी भाग विकास और समृद्धि के मार्च में पीछे न रहे, सभी विचारधाराओं के साथ संवाद सहित अधिक विशिष्ट विश्वास बहाली उपाय करने के लिए कहा। देश भर में शांति और बातचीत के लिए एक माहौल का निर्माण करने की अपील करते हुए उन्होंने  कहा कि किसी भी शिकायत को अगर छोड़ दिया जए तो  पूरी प्रणाली प्रभावित होती है।

अटल बिहारी वाजपेयी की सराहना
 जम्मू एवं कश्मीर पर अपने समग्र विचार के लिए पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा  अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य के आंतरिक और बाह्य आयाम दोनों पर काम किया और एक सम्माननीय आउटरीच का आयोजन किया, जिसके परिणामस्वरूप लोगों के बीच एक अच्छा अनुभव हुआ। इस संदर्भ में जब स्व मुफ्ती मोहम्मद सईद ने 2003 में श्रीनगर-मुजफ्फराबाद रोड खोलने की मांग की, यह सकारात्मक रूख मिला और परिणामस्वरूप राज्य में हिंसा का ग्राफ गिर गया और सुशासन पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने आशा जताई कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्हें कुछ बहुत ही बोल्ड फैसले लेने में श्रेय दिया जाता है, इसको आगे ले जाएगें।

क्रास एलओसी व्यापार में बैंकिंग की सुविधा
एक प्रतिभागी के एक प्रश्न के जवाब में, महबूबा मुफ्ती ने एल.ओ.सी पर कारोबार की जाने वाली वस्तुओं की सूची में और अधिक सामान शामिल करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार क्रॉस एलओसी व्यापार गतिविधियों के लिए बैंकिंग की उचित सुविधाएं प्रदान करने पर भी काम कर रही है।

 



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