रिज्यूम बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान, नौकरी मिलने में होगी आसानी

Wednesday, December 6, 2017 12:50 PM
रिज्यूम बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान, नौकरी मिलने में होगी आसानी

जालंधरः जब भी हम कहीं जॉब के लिए जाते है तो हमारा रिज्यूम ही हमारी पचान होता है। इंटरव्यू से पहले आपका रिज्यूम पढ़कर ही नियोक्ता को आपके बारें में बहुता सारी बातों का पता चल जाता है। आमतौर पर नियोक्ता रिज्यूम  देखने के लिए 6 सैकेंड से भी कम समय लेता है। एेसे में किसी भी जॉब को पाने में आपका रिज्यूम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि रिजूम कैसा हो और उसमें किस तरह की चीजें होनी चाहिए इसकी जानकारी ज्यादातर लोगों को नहीं होती है। एेसे में रिज्यूम बनाते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है ताकि आप एक प्रभावशाली रिज्यूम बना सकें। 

 

कंपनी की जरूरत 
रिजूम बनाते समय आपको हमेशा यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि आप किस कंपनी के लिए रिजूम बना रहे हैं।  क्या आपने संबंधित कंपनी की जरूरतों के मुताबिक अपना रिज्यूम अपडेट किया है या नहीं। अगर आप एेसा करते है तो आपके प्रति संबंधित कंपनी व वहां के एचआर का रुझान बढ़ेगा।


 
कंपनी से जुड़ी जानकारी जुटाएं
जिस भी नौकरी के आप आवेदन कर रहे हैं, उस कंपनी के बैकग्राउंड की जानकारी जरुर जुटा लें। इस तरह से आप अपने रिज्यूम को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर पाएंगे। इससे आप  अपने काम को उस कंपनी के काम के अनुसार पेश कर सकते है , ताकि जब वहां का एचआर या कंपनी के बड़े अधिकारी देखें तो वह पहली ही नजर में उसे सलेक्ट कर लें। 

 

दूसरों का रिज्यूम जरूर देखें
एक बेहतर रिज्यूम बनाने के लिए जरूरी है कि आप अपने कुछ सहयोगियों का रिज्यूम भी देखें। ऐसा करने से आपको अंदाजा लग जाएगा कि आप अपने रिज्यूम में और किस तरह के बदलाव कर सकते हैं। 


  
फॉन्ट साइज
रिज्यूम बनाते समय आपको हमेशा अपनी लिखावट पर ध्यान देना चाहिए। लिखावट से मतलब यहां फॉन्ट  साइज से है। शब्दों का फॉन्ट साइज बड़ा होने से  रिज्यूम में लिखे चीजों को पढ़ने में आसानी होती है। खासतौर पर आपको उन जानकारियों को बड़े फॉन्ट या बोल्ड फॉन्ट में लिखना चाहिए जो आप पहले  बताना चाहते हैं।  मसलन, अपनी करेंट जॉब और वर्किंग बैकग्राउंड की जानकारी, आप जिस भी कंपनी में जो भी काम कर रहे हैं उसका विवरण । 

 

की- वर्ड्स का है जमाना
इन दिनों बहुत से रिकू्रटर रिज्यूम शॉर्टलिस्ट करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रयोग करते हैं. उनके विशेष स्कैनर रेज्यूमे में प्रयोग हुए की- वर्ड्स  की पहचान कर उन्हें देखते हैं। इसलिए ध्यान रहे कि नौकरी से संबंधित सभी कीवर्ड्स का समझदारी से इस्तेमाल किया जाए, जिससे आपके लिए संभावनाएं अधिक हों। 

 

कम शब्दों में कहें बात
रिजूम आपके व्यक्तित्व और क्षमताओं की जानकारी दूसरों को देता है। इसका उद्देश्य ही आपसे जुड़ी जानकारी को कुछ शब्दों या लाइनों में दूसरे तक पहुंचाने से होता है। लिहाजा रिजूम बनाते समय आपको कम से कम शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए। 


 
स्पेलिंग मिस्टेक्स से  बचें
एक बार सीवी पूरा हो जाने के बाद उसे किसी से दोबारा एक बार पढ़ा लें।ध्यान रखें कि कहीं कुछ छूट न रहा हो। इसके साथ ही स्पेलिंग भी जांच लें। कई बार स्पेलिंग की गलती सामने वाले के सामने आपका गलत इंप्रेशन बनाती है।



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