त्रिपुरी पूर्णिमा कल: अक्षय पुण्य से लेकर सेहत तक मिलेंगे ढेरों लाभ

Friday, November 3, 2017 2:08 PM
त्रिपुरी पूर्णिमा कल: अक्षय पुण्य से लेकर सेहत तक मिलेंगे ढेरों लाभ

शनिवार दी॰ 04.11.17 कार्तिक माह के पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में त्रिपुरी पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। आज भरणी नक्षत्र होने पर कार्तिक पूर्णिमा विशेष फलदायी रहेगी। ब्रह्मा, विष्णु, शिव, अंगिरा व आदित्य ने इसे महापुनीत पर्व कहा है। अतः आज गंगा स्नान, दीपदान, होम, यज्ञ तथा उपासना का विशेष महत्त्व है। इस दिन श्रीहरि ने मत्स्यावतार लिया था। इस दिन श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप के पूजन का विशेष महत्व है। शब्द दामोदर की संधि है दाम अर्थात रस्सी व उदर अर्थात पेट।

 

अतः दामोदर का अर्थ है कृष्ण का वह स्वरूप जिसमें उनके पेट को माता यशोदा ने ऊखल के सहारे रस्सी से बांधा था। जब श्रीकृष्ण ने चोरीछुपे दूसरे के यहां छिपकर माखन खाया तो माता क्रोधित होकर श्रीकृष्ण को रस्सी से बांधने लगी परंतु हर बार रस्सी दो अंगुल छोटी पड़ जाती थी। माता को थका देखकर कृष्ण स्वयं रस्सी रूपी वात्सल्य में बंध गए। अतः कार्तिक में भगवान को लौकिक रस्सी से नहीं वरन प्रेम की रस्सी से बांधा जा सकता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप का विशेष पूजन-उपाय करने से अक्षय पुण्य फलों के साथ-साथ सेहत तक मिलते हैं ढेरों लाभ। जीवन से उलझने सुलझ जाती हैं, सभी परेशानीयां समाप्त होती हैं व जीवन में खुशियां आती हैं।


विशेष पूजन: श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप का विधिवत पूजन करें, गौघृत का दीप करें, केवड़े की धूप करें, तुलसी दल चढ़ाएं, दूध, घी, मक्खन और मिश्री का भोग लगाएं तथा 108 बार विशिष्ट मंत्र जपें। इसके बाद भोग किसी गरीब बच्चे को दान दें।


पूजन मंत्र: ॐ दामोदराय विद्महे पद्मनाभाय धीमहि तन्नो कृष्ण: प्रचोदयात॥


पूजन मुहूर्त: प्रातः 08:15 से प्रातः 09:15 तक। 

उपाय
परेशानियों से मुक्ति हेतु काली गाय को गुड़ खिलाएं।

 
पारिवारिक उलझने सुलझाने हेतु कृष्ण मंदिर में कोहड़ा चढ़ाएं।


प्रसन्नता हेतु श्री दामोदर पर भोग लगा माखन-मिश्री किसी बटुक ब्राह्मण को खिलाएं। 

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 



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