7 अगस्त रक्षाबंधन पर विशेष: रेशमी डोर में बंधा रिश्ता

Sunday, August 6, 2017 11:54 AM
7 अगस्त रक्षाबंधन पर विशेष: रेशमी डोर में बंधा रिश्ता

बचपन की यादें सुहानी, सहेजी हैं राखी के दो तारों में, फूल से तुम खिलो, नाम गूंजे तुम्हारा चांद-सितारों में।


भाई-बहन का रिश्ता जितना पवित्र और प्यारा होता है उतना ही नाजुक भी होता है। यदि किसी घर में भाई-बहन न हों तो बहुत सूनापन महसूस होता है। मां-पापा के गुस्से से एक-दूसरे को बचाना, स्कूल के होमवर्क में एक-दूसरे की सहायता करना और आपस में खाने-पीने की चीजों के साथ दिन भर की बातें शेयर करने के साथ कब बचपन बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। हर घर में अक्सर भाई-बहनों की शरारतों के किस्से सुनने को मिलते हैं। इस रिश्ते की मिठास ही इसे मजबूत और अटूट बनाती है। यही बंधन और विश्वास इतना खास हो जाता है कि एक-दूसरे के लिए अपनों से भी भिडऩा पड़े तो भी कोई गम नहीं होता। यही है संसार का सबसे प्यारा भाई-बहन का रिश्ता।


एक-दूजे के हमराज व बैक-सपोर्ट बनें : आज तकरीबन हर घर में माता-पिता का कामकाजी होना एक जरूरत बन चुकी है। ऐसे में भाई-बहन की आपसी समझ और सांझेदारी में काफी वृद्धि देखने को मिलती है। खुला माहौल तथा अपनी बात रखने का मौका मिलने पर उनके व्यक्तित्व के विकास में भी सहायता मिलती है। 


इसका एक लाभ यह भी हुआ है कि भाई-बहन दोनों एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारियों को समझ कर आपस में बांटने भी लगे हैं। प्यार और सुरक्षा से भरे रिश्ते ने उन्हें परिपक्व बनने में सहायता की है। 


एक-दूसरे का बचाव करना अच्छी बात है लेकिन गलत बातों पर नहीं क्योंकि कई बार यही प्यार और सपोर्ट नुक्सानदायक भी हो सकती है। जब भी कभी घर में ऐसा वातावरण बने तो बड़ों की बातों को समझें और उन्हें फॉलो करें। पेरैंट्स के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखें। 


बहनें क्या करें : माना कि आप अपने भाई से बहुत प्यार करती हैं और उसे उदास नहीं देख सकतीं लेकिन यदि वह कुछ गलत करता है तो उसकी गलती को छिपाने की बजाय उसे समझाएं कि गलती आखिर गलती होती है, इस पर कोई माफी नहीं है। ऐसे में भाई सही-गलत के बारे में आसानी से समझ पाएगा। यदि घर के बड़े आप से या आपके भाई से कोई बात कर रहे हैं तो दोनों का चुप रहना ही बेहतर होगा। 


भाई के प्रति प्यार को अपनी कमजोरी कभी न बनने दें, उसे यह एहसास कराती रहें कि आप हर समय हर बात को नहीं संभाल पाएंगी तो उसके मन में बड़ों के प्रति डर की भावना भी रहेगी। सामाजिक और भावनात्मक रूप से अपने भाई को इतना मजबूत बनाएं कि वह स्वयं छोटे-छोटे फैसले ले सके और अपनी बात कहना सीखे।


भाई क्या करें : अपने घर में बहन का सपोर्ट मिलना भाई के लिए किसी खजाने से कम नहीं होता लेकिन इसका फायदा उठाकर बहन को इमोशनली ब्लैकमेल न करें। अपनी बहन की उपलब्धियों पर खुश हों व उसे और आगे बढऩे को प्रोत्साहित करें। यदि बहन के कदम गलत राह पर चल पड़ें तो उसे समझाएं। 


किसी भी तरह की बात बिगडऩे से पहले पेरैंट्स को पूरी बात से अवगत कराने में झिझकें नहीं। टीनएज उम्र में ऐसा होना स्वाभाविक है लेकिन प्यार से मामला हैंडल किया जा सकता है। 


अपनी बहन को अपना हमराज और दोस्त बनाकर रखें व उससे पूरी ईमानदारी से हर बात शेयर करें। 


इससे आप दोनों में प्यार, दोस्ती और विश्वास का एक नया रिश्ता बनेगा, जिसमें गलतफहमी और नफरत के लिए कभी जगह नहीं रहेगी।


राखी का पर्व भाई-बहन के जीवन में एक नया उत्साह ले आता है। कलाई पर राखी बंधते ही उन दोनों के बीच के सभी मनमुटाव दूर हो जाते हैं और मन स्नेह व आशीर्वाद से भर जाता है।



यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!