हीरों की फर्जी लूट मामला: दूसरा सरकारी गवाह बयान से पलटा

Tuesday, March 21, 2017 1:03 AM
हीरों की फर्जी लूट मामला: दूसरा सरकारी गवाह बयान से पलटा

चंडीगढ़, (संदीप): फॉरएवर डायमंड शोरूम में करोड़ों के हीरों की फर्जी लूट के मामले में ट्रायल के दौरान दूसरा सरकारी गवाह भी अदालत में बयान से पलट गया। सोमवार को शोरूम के मैनेजर अजय कुमार के बयान हुए। अजय ने कहा कि शोरूम मालिकों ने शोरूम में लूट के लिए कोई योजना नहीं बनाई थी। जो लूट हुई थी, वह असली थी।

वह उन अज्ञात लोगों को नहीं जानता। जो कुछ भी हुआ, वह असल में हुआ था। हालांकि उसकी गवाही पूरी नहीं हो सकी और अदालत ने शेष बयान दर्ज कराने के लिए 19 मई की तारीख तय की है। इससे पहले अजय ने धारा 164 के तहत मजिस्ट्रैट के समक्ष दिए बयान में कहा था कि लूट पूरी तरह फर्जी थी। शोरूम से सारी ज्वैलरी, हीरे, सी.सी.टी.वी. कैमरे की डी.वी.आर. और अन्य सामान दोनों मालिक 30 अप्रैल 2016 को ही ले गए थे।

उसके अनुसार दोनों मालिकों ने कर्मचारियों को धमकाया था कि वह पुलिस को कुछ न बताएं। वहीं, ट्रायल के पहले ही दिन पुलिस के सबसे अहम सरकारी गवाह बनाए गए सैक्टर-37 स्थित ज्वैलरी शॉप के मालिक हितेश अरोड़ा भी बयान से मुकर चुके हैं। गौरतलब है कि सैक्टर-17 स्थित फॉरएवर डायमंड्स शोरूम के मालिकों ने 10 करोड़ रुपए के इंश्योरैंस क्लेम को पाने के लिए 1 मई, 2016 को लूट का ड्रामा रचा था। विनोद वर्मा व रजनीश वर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि एक महिला समेत 3 लुटेरे गन प्वाइंट पर करोड़ों के डायमंड लूट कर ले गए।

लूट के आरोपी शोरूम के बाहर लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस ने अपनी जांच के बाद इस लूट को फर्जी पाते हुए शोरूम मालिकों की गिरफ्तारी की थी। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया था। 1 अक्तूबर को शोरूम मालिकों रजनीश वर्मा और विनोद वर्मा के अलावा सैक्टर-49 निवासी वैभव वर्मा, जीरकपुर के अंकुर जौली और मलोया की शिवानी के खिलाफ धोखाधड़ी के प्रयास, जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने व सबूत मिटाने की धाराओं में आरोप तय किए थे।



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