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प्याज निर्यातकों को पहले से बुक आर्डर के मामले में केन्द्र से राहत की उम्मीद

2020-09-16T22:56:09.5

कोलकाता, 16 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार के हर किस्म के प्याज निर्यात पर पाबंदी लगाने के दो दिन बाद निर्यातकों ने सरकार से उन ऑर्डरों पर थोड़ी राहत देने की उम्मीद जतायी है जो पहले से बुक किए जा चुके हैं।

निर्यातकों के संगठन ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन’ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि निर्यातक समुदाय को ‘बेंगलोर रोज’ प्याज की किस्म को निर्यात पाबंदी के आदेश से हटाने की उम्मीद है। देश में इस किस्म का प्याज ज्यादा प्रचलित नहीं है।
पश्चिम बंगाल के कई भूक्षेत्र वाले बंदरगाहों जैसे कि मालदा जिले के महादीपुर, उत्तरी 24 परगना में पेट्रोपोल और गोजदांगा में सैकड़ों प्याज से लदे ट्रक खड़े हैं। यह सभी बांग्लादेश की सीमा से लगते हैं।

एक बांग्लादेशी प्याज आयातक ने बताया, ‘‘अचानक लगाए गए प्रतिबंध से हमारी कई परेशानियां बढ़ गयी हैं। भारत हमें प्याज का निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश है। एक ही दिन में प्याज की खुदरा कीमत 50 टका से बढ़कर 70 टका हो गयी है। इसके आगे और बढ़ने की आशंका है।’’
सहाय ने कहा कि सरकार को निर्यातकों की समस्या से अवगत कराया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि सरकार जो ऑर्डर पहले से बुक किए गए हैं, उनके लिए थोड़ी राहत देगी। सरकार बैंगलोर रोज किस्म के निर्यात की अनुमति दे सकती है।’’
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सोमवार को प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसकी वजह घरेलू बाजार मे प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतें नियंत्रित करना बतायी गयी है।

इस बीच महादीपुर क्लीयरिंग एंड फॉरवर्डिेग एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव भूपति मंडल ने कहा कि बांग्लादेश जाने वाले 400 से अधिक प्याज से लदे ट्रक मालदा जिले में सीमा पर अटके पड़े हैं।




यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Edited By

PTI News Agency

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