वन्नियारों को 10.5 प्रतिशत आरक्षण देने वाले जीओ पर अदालत ने रोक नहीं लगाई

2021-07-28T23:27:34.563

चेन्नई, 28 जुलाई (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने राज्य में वन्नियारों के लिए विशेष रूप से 10.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण प्रदान करने वाले सरकारी आदेश के कार्यान्वयन पर बुधवार को रोक नहीं लगाई।

मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की पहली पीठ ने सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर सुनवाई को अगस्त के दूसरे सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया।

महाधिवक्ता (एजी) आर षणमुगसुंदरम ने बताया कि राज्य सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली इसी तरह की याचिकाएं उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है और इन याचिकाओं पर अगले महीने के पहले सप्ताह में सुनवाई होने की संभावना है, जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया।

इससे पहले, मुख्य न्यायाधीश ने एजी से कहा था कि अगर सरकार इसकी वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर फैसला करने से पहले ही इसके कार्यान्वयन के साथ आगे बढ़ती है तो वह जीओ पर रोक लगाने से नहीं हिचकिचाएंगे।

याचिकाओं में तत्कालीन मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली पिछली अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा पारित कानून को चुनौती दी गई है, जिसमें मार्च में आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले वन्नियारों को 10.5 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया था।



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PTI News Agency

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