विदेशों में बाजार टूटने के बीच सभी तेल तिलहनों के भाव में गिरावट

punjabkesari.in Friday, Jul 01, 2022 - 07:38 PM (IST)

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) विदेशों में तेल-तिलहन बाजार टूटने के बीच दिल्ली में शुक्रवार को लगभग सभी तेल तिलहनों के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। देशी तेलों की मांग होने के बीच मूंगफली और बिनौला तेल तिलहन जहां पूर्ववत रहे वहीं सरसों तेल तिलहन में बेहद मामूली गिरावट देखी गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में, सुबह के कारोबार में बाजार सात प्रतिशत टूटने के बाद फिलहाल 4.25 प्रतिशत कमजोर है जबकि शिकागो एक्सचेंज में फिलहाल 1.5 प्रतिशत की गिरावट है। विदेशी बाजारों की इस गिरावट के कारण सोयाबीन डीगम, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। विदेशों में बाजार टूटने के बीच आयातित तेलों के मुकाबले देशी तेल तिलहनों के दाम में मामूली गिरावट देखने को मिली।

बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में सरसों की उपलब्धता लगातार कम हो रही है और आने वाले त्योहारों के दौरान सरसों की मांग प्रतिदिन 4-4.25 लाख बोरी की होने की संभावना है जबकि सरसों की आवक घटकर 2-2.25 लाख बोरी की रह गई है। आगे जाकर सरसों की कमी महसूस की जायेगी और इस तेल का कोई विकल्प भी नहीं है। किसानों को छोड़कर, स्टॉक लिमिट होने की वजह से तेल मिल वालों, व्यापारियों और स्टॉकिस्टों के पास बहुत कम सरसों का स्टॉक है। इस स्थिति पर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।

सूत्रों ने कहा कि विदेशों में गिरावट की वजह से सोयाबीन तेल तिलहन के भाव टूटे हैं। आयातकों ने जिस भाव पर सोयाबीन और पामोलीन तेल की खरीद की हुई थी, बाजार टूटने के बाद उन्हें आयात भाव के मुकाबले 40-50 रुपये किलो नीचे भाव पर अपना आयातित तेल बेचना पड़ रहा है। दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले रुपये में भारी गिरावट आने के बीच इन आयातकों को अपने कर्ज के एवज में अधिक धनराशि का भुगतान करना पड़ रहा है। आयातकों को भारी नुकसान है।

सूत्रों ने कहा कि एक तरह से कहा जाए तो तेल उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि इतिहास में तेल तिलहन बाजार इस कदर नहीं टूटा था।

आयातकों ने 2,040 डॉलर प्रति टन के भाव सीपीओ और 2,100 डॉलर प्रति टन के भाव सोयाबीन तेल खरीदा था लेकिन मौजूदा वक्त में यही भाव टूटकर सीपीओ का 1,310 डॉलर प्रति टन और सोयाबीन का 1,475 डॉलर प्रति टन रह गया है।
सूत्रों ने कहा कि तिलहन उत्पादन बढ़ाने की एक स्पष्ट नीति और किसानों को प्रोत्साहन दिये जाने की जरूरत है, तभी हम तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल कर पायेंगे।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,510-7,560 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,765 - 6,890 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,710 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,635 - 2,825 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,385-2,465 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,425-2,530 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,350 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,600-6,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,400- 6,450 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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PTI News Agency

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