दिल्ली में मानसून की पहली बारिश से गर्मी से मिली राहत

punjabkesari.in Thursday, Jun 30, 2022 - 06:12 PM (IST)

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) दिल्ली में बृहस्पतिवार सुबह मानसून की पहली बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली लेकिन राजधानी में कई जगहों पर यातायात जाम लग गया।
दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गयी।

सफदरजंग वेधशाला ने सुबह साढ़े आठ बजे से महज छह घंटों में 110 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जो कम से कम 14 वर्षों में जून में किसी दिन होने वाली अधिकतम बारिश है।
राजधानी में 18 जून 1936 को 235.5 मिमी. बारिश हुई थी जो अब तक का रिकॉर्ड है। दिल्ली में जून में औसतन 65.5 मिमी. बारिश होती है।

लोधी रोड स्थित मौसम केंद्र ने इस अवधि के दौरान 102.2 मिमी. बारिश दर्ज की। रिज में 62.4 मिमी., पालम में 31.4 मिमी. और आयानगर में 48.3 मिमी. बारिश हुई।

गौरतलब है कि 15 मिमी. से कम बारिश को हल्की, 15 से 64.5 मिमी. के बीच को मध्यम, 64.5 मिमी से 115.5 मिमी. को भारी, 115.6 से 204.4 मिमी को बहुत भारी बारिश माना जाता है। 204.4 मिमी. से ऊपर की बारिश को अत्यधिक वर्षा माना जाता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून 30 जून को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है।

आईएमडी ने कहा, "मानसून अब दीसा, रतलाम, टोंक, सीकर, रोहतक और पठानकोट से होते हुए आगे बढ़ रहा है।"
दक्षिण-पश्चिमी मानसून आमतौर पर 27 जून को राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में इसका असर देखने को मिलता है।

हालांकि, बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, कई इलाकों में जलभराव की सूचना भी है।

कई यात्रियों को दफ्तरों तक पहुंचने में विलंब हुआ और कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरों के लिए अपनी परेशानी बतायी जबकि कुछ ने पुलिस से मदद मांगी।
आईएमडी ने बृहस्पतिवार को शहर में कुछ इलाकों में भारी बारिश और शुक्रवार को मध्यम बारिश की चेतावनी के साथ ओरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान कम होकर 34-35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा।

पिछले साल आईएमडी ने अनुमान जताया था कि मानसून समय से करीब दो हफ्ते पहले दिल्ली में दस्तक देगा। हालांकि, यह 13 जुलाई को दिल्ली पहुंचा था जो 19 वर्षों में सबसे अधिक देरी से आया मानसून था।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तीन से पांच दिनों के अंतर को सामान्य माना जाता है। उनका कहना है कि मानसून से पहले 10 दिनों में दिल्ली में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है और इससे बारिश की कमी की भरपाई होने में मदद मिलेगी। दिल्ली में एक जून के बाद से सामान्य से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है।



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PTI News Agency

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