विशेष उल्लेख के जरिये रास में सदस्यों ने उठाए लोक महत्व के विभिन्न मुद्दे

punjabkesari.in Tuesday, Nov 30, 2021 - 04:59 PM (IST)

नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) विचाराधीन कैदियों को जमानत, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल सहित अन्य मुद्दे राज्यसभा में मंगलवार को विशेष उल्लेख के जरिये उठाए गए और सरकार से इनके समाधान की मांग की गई।

संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन , आज राज्यसभा में जनता दल (यूनाइटेड) के रामनाथ ठाकुर ने विचाराधीन कैदियों को जमानत दिए जाने के लिए एक फार्मूला बनाने की मांग की। विशेष उल्लेख के माध्यम से ठाकुर ने कहा कि देश की विभिन्न जेलों में कई विचाराधीन कैदी जमानत की बाट जोह रहे हैं लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने कहा कि अगर इन कैदियों को जमानत मिल जाए तो न केवल जेलों में भीड़ कम हो जाएगी बल्कि जेल का खर्च भी घट जाएगा। उन्होंने कहा कि विचाराधीन कैदियों को जमानत न मिलना संविधान के अनुच्छेद 21 का भी हनन है जिसमें व्यक्ति के जीवन का, वैयक्तिक स्वतंत्रता का और मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार निहित है।

ठाकुर ने सरकार से मांग की कि विचाराधीन कैदियों को जमानत देने के बारे में एक फार्मूला बनाया जाए ताकि इस समस्या का समाधान हो सके।

समाजवादी पार्टी के विशंभर प्रसाद निषाद ने देश के सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल किए जाने की मांग की। विशेष उल्लेख के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए निषाद ने कहा कि नयी पेंशन योजना गुजारे के लायक नहीं है इसलिए सरकारी कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी की सीमा द्विवेदी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) और स्नातकोत्तर परीक्षा के परिणाम घोषित करने में विलंब के विरोध में देश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का मुद्दा विशेष उल्लेख के जरिये उठाया। उन्होंने कहा कि जेआर 2 का दो साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है और नीट तथा स्नातकोत्तर परीक्षा के परिणाम घोषित नहीं किए जाने की वजह से जेआर 1 का बैच आ नहीं पाया है।

उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टरों की शिकायत है कि उन पर काम का अतिरिक्त बोझ है वहीं उनकी हड़ताल से मरीज परेशान हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि उच्चतम न्यायालय में लंबित इस मामले के निस्तारण के लिए पहल की जाए और नीट तथा स्नाकोत्तर परीक्षा के परिणाम घोषित किए जाएं।

भाजपा के ही महेश पोद्दार ने फ्लाई ऐश से होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि फ्लाई ऐश की वजह से लोगों के स्वास्थ्य को और पर्यावरण को क्षति होती है इसके बावजूद एक नये नियम में कहा गया कि निबटारे के लिए फ्लाई ऐश को नदी या तालाब में डाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर जल प्रदूषण होगा।
उन्होंने मांग की कि इस पर सरकार को गहन विचार-विमर्श करना चाहिए।

बीजू जनता दल के अमर पटनायक ने मनरेगा से जुड़ा मुद्दा और भाजपा के हरद्वार दुबे ने पीवीसी पाइप से जुड़ा मुद्दा विशेष उल्लेख के जरिये उच्च सदन में उठाया।



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PTI News Agency

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