प्रदूषण नियंत्रण के लिए जीआरएपी समेत सभी उपाय अपनाए जाएंगे: गोपाल राय

10/21/2021 7:40:03 PM

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के सभी उपायों को लागू करेगी और जरूरत पड़ने पर ''ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान'' (जीआरएपी) के तहत भी कदम उठाएगी।

जीआरएपी, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर के आधार पर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए जाने वाले आपातकालीन उपाय हैं।

राय ने केंद्र से राज्यों से बात करने और पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने का भी आग्रह किया।

वह चंदगी राम अखाड़े में एक कार्यक्रम को संबाधित कर रहे थे, जहां सभी विधायक ''''रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ'''' अभियान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एकत्र हुए थे।

इसके बाद, 25 अक्टूबर को दिल्ली के पार्षद बाराखंभा रोड पर जन जागरूकता अभियान चलाएंगे।

राय ने संवाददाताओं से कहा, ''''बारिश के कारण दिल्ली में प्रदूषण का स्तर नीचे आ गया था क्योंकि पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलाना बंद कर दिया गया था। हालांकि, मौसम सामान्य होने के बाद पराली जलाने के मामले बढ़ेंगे। हम दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए सभी कदम उठा रहे हैं और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान चला रहे हैं।''''
मंत्री ने कहा कि वे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के वैज्ञानिकों और उप जिलाधिकारियों के साथ शुक्रवार को बैठक करेंगे, जिसमें चर्चा की जाएगी कि कैसे मिलकर इसे व्यापक अभियान बनाया जा सकता है?
उन्होंने कहा, '''' इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए मोहल्ला स्तर तक ले जाया जाएगा। कल की बैठक में होने वाले निर्णय के अनुसार, हम अभियान को गति देंगे।''''
राय ने कहा कि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भाजपा विधायकों को भी आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक मौजूद हैं लेकिन अन्य दल के विधायक नहीं आए। सभी को कार्यक्रम के बारे में सूचित किया गया था।

राय ने जोर देकर कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, ''''अगर जरूरत पड़ी तो हम जीआरएपी लाएंगे। दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जो भी करना होगा, हम करेंगे। लेकिन, मैं केंद्र से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि पराली जलाने पर रोक लगाने की दिशा में काम करें। अन्यथा, दिल्लीवासियों को अनेक प्रयासों के बावजूद पराली जलाने के चलते होने वाले प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा।''''


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PTI News Agency

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