कोविड महामारी से कम बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित हुए : डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक

09/25/2021 10:20:33 AM

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने शुक्रवार को कहा कि कोविड​​​​-19 महामारी से बच्चे गंभीर रूप से कम प्रभावित हुए हैं और उनके रोग से उबरने की संभावना बहुत अच्छी है।

उन्होंने हालांकि कहा कि संभव है कि सार्स-सीओवी2 वायरस गायब नहीं हो लेकिन पिछले दो वर्षों में इसका जो प्रभाव रहा है, वह नहीं होने वाला है। उन्होंने ''महामारी के बाद प्राथमिकताएं'' विषय पर आयोजित एक डिजिटल सत्र में कहा कि लोग बच्चों के अतिसंवेदनशील होने की बात इसलिए करते हैं क्योंकि आज ज्यादातर देशों में टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 18 साल से अधिक उम्र के लोगों और बुजुर्गों पर जोर दिया जा रहा है, क्योंकि वे सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।

स्वामीनाथन ने एक सवाल के जवाब में कहा, "जब आप ऐसा करते हैं, तो आपके पास कम उम्र के लोग बच जाते हैं, जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है। और, इसलिए, जब आपके समुदाय में वायरस फैल रहा होता है, तो वे लोग अतिसंवेदनशील वर्ग वाले होते हैं।"

कई देशों में यह देखा गया है कि बुजुर्गों को टीका लगाने से युवाओं में संक्रमण बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करती हूं कि कुल मिलाकर इस महामारी से बच्चे गंभीर रूप से कम प्रभावित हुए हैं। ऐसा नहीं है कि वे संक्रमित नहीं होते हैं। वे भी वयस्कों की तरह संक्रमित होते हैं लेकिन वे गंभीर रूप से बीमार नहीं होते हैं। स्पष्ट रूप से, यह उम्र के साथ गंभीरता का सहसंबंध है।’’
उन्होंने कहा, "अगर वे (बच्चे) संक्रमित हो भी जाते हैं, तो संभावना है कि वे अच्छी तरह से स्वस्थ हो जाएं।" भारत में वायरस के खिलाफ बच्चों के टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए टीके होंगे। औषधि नियामक ने जाइडस कैडिला को 12 साल से अधिक उम्र के किशोरों के अलावा 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए मंजूरी दे दी है।



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PTI News Agency

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