पश्चिमी दिल्ली में सुपारी लेकर सीमा शुल्क निकासी एजेंसी की हत्या करने का आरोपी गिरफ्तार

2021-08-03T16:12:04.657

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सुपारी लेकर हत्या करने के आरोप में पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर से 40 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि दिचांव कलां के निवासी मुख्य आरोपी साहूकार मनोज ने सीमा शुल्क निकासी एजेंट के तौर पर काम करने वाले 38 वर्षीय गौतम कोहली की हत्या के लिये मुकेश चोपड़ा को पैसे दिये, जो अशोक नगर का रहने वाला है।

पुलिस ने कहा कि पता चला है कि पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन का निवासी कोहली वित्तीय संकट में फंसा हुआ था और उसने साहूकार से 20 प्रतिशत ब्याज दर पर 25 लाख रुपये उधार लिए थे।

उन्होंने बताया कि जब कोहली उधार राशि वापस करने में विफल रहा, तो मनोज ने शुरू में धमकी दी। बाद में उसे मारने की योजना बनाई और पीड़ित की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए मुकेश को काम पर रखा। बाद में पड़ोसी राज्य हरियाणा के सोनीपत जिले में कोहली का शव मिला, जिसपर गोलियों के निशान थे।

पुलिस के अनुसार कोहली के पिता ने 30 जुलाई को सुभाष नगर पुलिस चौकी में सूचना दी थी कि सोनीपत पुलिस को खरखौदा-बहादुरगढ़ मुख्य सड़क के किनारे उनके बेटे का शव मिला है।

उन्होंने कहा कि सोनीपत में खरखोदा के पास किसी ने उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी और शव पर छह गोलियों के निशान मिले।

पुलिस ने बताया कि कोहली के पिता ने आखिरी बार 29 जुलाई को रात 8.13 बजे उससे मोबाइल फोन पर बात की थी जबकि उसकी पत्नी ने रात करीब साढ़े आठ बजे उससे से बात की थी।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) उर्वीजा गोयल ने कहा कि जब परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई, तो पता चला कि कोहली कर्ज में था और उसने मनोज से पैसे उधार लिए थे।

गोयल ने कहा कि वह कर्ज चुकाने में असमर्थ था इसलिए विवाद पैदा हो गया और मनोज उसे लगातार धमका रहा था।

उन्होंने कहा, “मनोज का मोबाइल नंबर घटना के बाद से बंद पाया गया। जांच में पता चला कि कोहली को आखिरी बार सिंह चिकन कॉर्नर, जेल रोड, हरि नगर में देखा गया था, जहां वह नियमित रूप से आता-जाता था और वह रात 10.15 बजे वहां से चला गया था। तकनीकी निगरानी से पता चला कि मनोज भी रात साढ़े दस बजे तक उसी रेस्टोरेंट के पास मौजूद था।

पुलिस ने कहा कि आरोपी मुकेश मनोज के नियमित संपर्क में था और सीसीटीवी विश्लेषण व जांच में पता चला कि मुकेश भी 29 जुलाई को उसी रेस्तरां में मौजूद था।

डीसीपी ने कहा, “पूछताछ के दौरान, मुकेश ने खुलासा किया कि उसे मनोज ने कोहली की आवाजाही के बारे में जानकारी देने के लिए काम पर रखा था और उसे इस काम के लिए नकद भुगतान किया गया था। उसने 10 दिन तक कोहली की आवाजाही पर नजर रखी और मनोज को सारी जानकारी दी।”
उन्होंने बताया, “29 जुलाई की रात करीब सवा दस बजे, जब कोहली सिंह चिकन कॉर्नर के बाहर निकलकर एक ऑटो-रिक्शा में सवार हुआ, तो मुकेश ने एक अन्य सहयोगी के साथ तुरंत यह सूचना मनोज को दी, जो तीन अन्य सहयोगियों के साथ वहां मौजूद था और सभी ने दो अलग-अलग दुपहिया वाहनों पर उसका पीछा करना शुरू कर दिया।''''
पुलिस अधिकारी ने कहा, ''''कुछ दूरी पर, उन्होंने उसे ऑटो-रिक्शा में दबोच लिया और उसे अज्ञात स्थान पर ले गए और फिर सोनीपत में उसकी हत्या कर दी।''''
मनोज समेत बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है, जिन पर नजफगढ़ थाने में हत्या व हत्या के प्रयास के दो मामले दर्ज हैं।



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