गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना ने दिल्ली पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभाला

2021-07-28T23:27:31.997

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के गुजरात कैडर के वरिष्ठ अधिकारी राकेश अस्थाना ने बुधवार को दिल्ली के पुलिस आयुक्त का पदभार संभाल लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मध्य दिल्ली के जय सिंह मार्ग पर स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर अस्थाना को पुलिस बल ने रस्मी गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
अस्थाना ने पत्रकारों से कहा, “ मैंने आज दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाल लिया। मैं पुलिस की बुनियादी अवधारणाओं में विश्वास करता हूं जो कानून और व्यवस्था को बनाए रखना व अपराध की रोकथाम है। यही वह बुनियादी काम है, जो हमें करने चाहिए। अगर इन चीजों को सही तरीके से किया जाए तो समाज में शांति बनी रहती है। कुछ विशेष समस्याएं हैं, जिनके लिए अलग से एसओपी (मानक संचालन प्रक्रियाएं) है। हम उसके अनुसार काम करेंगे।”
अस्थाना ने अतीत के प्रदर्शनों के लिए दिल्ली पुलिस की सराहना भी की और कहा कि वह समाज में बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए सभी के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं।

उन्होंने कहा, “ दिल्ली पुलिस का अतीत शानदार रहा है। बल ने अतीत में बहुत अच्छे काम किए गए हैं। कई जटिल मामले सुलझाए हैं। दिल्ली पुलिस ने कई जटिल स्थितियों को संभाला है। मैं टीम वर्क में विश्वास करता हूं और मुझे उम्मीद है कि इस टीम वर्क से हम समाज में बेहतरी और शांति बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे।”
दिल्ली पुलिस के पीआरओ चिन्मय बिस्वाल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, अस्थाना ने पदभार संभालने के बाद पुलिस मुख्यालय में शीर्ष पुलिस अधिकारियों को संबोधित किया, जबकि अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उनसे जुड़े।

बयान के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली पुलिस की देश के प्रमुख पुलिस बल के तौर पर सराहना की, जिसकी सेवा देने और चुनौतीपूर्ण स्थिति को संभालने में शानदार प्रतिष्ठा है। बयान में कहा गया है कि अस्थाना ने बुनियादी पुलिस व्यवस्था को रेखांकित किया जिसमें अपराध की रोकथाम और उसका पता लगाना और कानून व व्यवस्था बनाए रखना शामिल है।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने कानून व व्यवस्था की स्थितियों से निपटने में दिल्ली पुलिस के ट्रैक रिकॉर्ड की प्रशंसा की और साइबर अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों, बंदूक तस्करी आदि का भंडाफोड़ करने वाले अच्छे कामों को जारी रखने पर जोर दिया। उन्होंने युवा, वरिष्ठ नागरिक सेवाओं आदि जैसी सामुदायिक पुलिस पहल पर भी जोर दिया।

अस्थाना ने कहा कि अपराध का पता लगाने और सख्त निवारक उपाय न केवल अपराध के बोझ को कम करते हैं, बल्कि शहर में सुरक्षा की भावना भी सुनिश्चित करते हैं, विशेष रूप से महिलाओं और कमजोर समूहों के बीच, जिसके लिए पुलिस को अधिक से अधिक प्रयास करते रहना चाहिए।

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक आदेश में कहा था कि अस्थाना तत्काल प्रभाव से दिल्ली पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालेंगे। वह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे।

अस्थाना की नियुक्ति 31 जुलाई को उनकी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले हुई है। उनका कार्यकाल एक साल का होगा।

इस तरह के बहुत कम उदाहरण हैं, जब अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर से बाहर के किसी आईपीएस अधिकारी को दिल्ली पुलिस के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया हो।

उन्नीस सौ चौरासी बैच के आईपीएस अधिकारी अस्थाना पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में विशेष निदेशक रह चुके हैं। सीबीआई में अपने कार्यकाल के दौरान उनका जांच एजेंसी के तत्कालीन निदेशक आलोक वर्मा के साथ विवाद हो गया था जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। दिलचस्प है कि वर्मा सीबीआई निदेशक बनने से पहले दिल्ली पुलिस के आयुक्त थे।


जून के अंत में पुलिस आयुक्त पद से एसएन श्रीवास्तव के सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव को पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।


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PTI News Agency

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