पेगासस प्रकरण: हरियाणा के कांग्रेस नेताओं ने की राजभवन कूच की कोशिश, हिरासत में लिये गये

2021-07-22T18:27:40.057

चंडीगढ़, 22 जुलाई (भाषा) हरियाणा के कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं ने पेगासस जासूसी विवाद को लेकर बृहस्पतिवार को यहां प्रदर्शन किया और इस दौरान राजभवन की ओर कूच करने के प्रयास पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया।
पार्टी के हरियाणा मामलों के प्रभारी विवेक बंसल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा के नेतृत्व में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने यहां पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राजभवन की ओर कूच करने का प्रयास किया तो पुलिस ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। इस धारा के तहत एक स्थान पर पांच या उससे अधिक के जमा होने पर पाबंदी है।

इसके बाद बंसल, सैलजा तथा अजय सिंह यादव, अफताब अहमद, गीता भुक्कलल, शकुंतला खटक समेत कई अन्य कांग्रेस नेताओं एवं विधायकों को बस से नजदीकी थाने ले जाया गया जहां से उन्हें छोड़ दिया गया। थाना परिसर में कांग्रेस नेताओं एवं विधायकों ने केंद्र सरकार के विरूद्ध नारेबाजी की।

सैलजा ने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस ने हमें आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने न केवल बैरीकेड लगाये थे बल्कि कीलवाले तार भी लगाये थे। मार्च निकालने के दौरान कंटीले तारों में फंसकर हमारे कुछ नेताओं के कपड़े फट गए जबकि कुछ विधायक बेहोश हो गये। निर्वाचित प्रतिनिधियों --विधायकों को मार्च नहीं निकालने दिया गया। यह सरकार केवल विपक्ष बल्कि मीडिया की आवाज भी कुचलना चाहती है। वह लोकतंत्र की हत्या कर रही है, लोकतंत्र आज खतरे में है। ’’
विपक्षी दल के नेताओं ने कहा कि वे तो बस जासूसी विवाद के सिलसिले में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि बाद में राज्यपाल के एक सहयोगी को ज्ञापन सौंपा गया।

सैलजा, कुलदीप बिश्नोई और अजय सिंह यादव समेत कांग्रेस नेताओं ने कहा कि या तो संयुक्त संसदीय समिति जासूसी कांड की जांच करे या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच का आदेश दिया जाए।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए सैलजा ने कहा कि केंद्र को जवाब देना चाहिए कि विपक्षी नेताओं समेत देश में विभिन्न लोगों के कम से कम 300 फोन नंबरों की जासूसी के लिए इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का कथित इस्तेमाल ‘‘उसकी नाक के नीचे कैसे हो गया। ’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि जासूसी प्रकरण के संभावित पीड़ितों में शामिल राहुल गांधी सरकार के लिए इसलिए निशाना बन गये क्योंकि वह लोक महत्व के कई मुद्दे उठाते रहे हैं।

इस बीच, इस प्रदर्शन में विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की गैर मौजूदगी के बारे में जब बंसल से पूछा गया तो उन्होंने संवाददताओं से कहा कि उन्होंने बता दिया था कि वह नहीं आ पायेंगे क्योंकि डॉक्टरों ने उन्हें स्वास्थ्य आधार पर कुछ दिनों के लिए आराम की सलाह दी है।



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PTI News Agency

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