कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना से क्षति का आकलन करने को गठित समिति को विस्तार

2021-06-18T20:15:29.51

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना (केएलआईएस) के कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए गठित समिति को तीन महीने का विस्तार दिया है।

एनजीटी ने पाया कि केएलआईएस परियोजना को तेलंगाना में पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) पहले से प्राप्त किये बिना निष्पादित किया गया और इस तरह के उल्लंघन के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों और जवाबदेही तय करने के तरीके की जांच पड़ताल करने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन करने का निर्देश दिया गया था।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि समिति का विधिवत गठन किया गया है और काम प्रगति पर है जिसमें समय लगेगा।

पीठ ने कहा, ‘‘हमने पाया है कि इस मुद्दे की तात्कालिकता को देखते हुए, मामले में तेजी लाने की जरूरत है। अब तक की प्रगति पर्याप्त नहीं दिख रही है। तदनुसार, आज से तीन महीने का और विस्तार देते हुए हम उम्मीद करते हैं कि समिति अपना काम तेजी से पूरा करेगी और आगे कोई विस्तार नहीं मांगेगी।’’ इस पीठ में न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति एम सत्यनारायणन भी शामिल थे।

एनजीटी ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि कानूनी आवश्यकताओं का उल्लंघन करते हुए केएलआईएस परियोजना को ‘‘पूर्व की तिथि’’ से ईसी प्रदान किया गया था। एनजीटी ने नुकसान का आकलन करने के लिए एक समिति का गठन किया था।


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PTI News Agency

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