आसाराम की आयुर्वेदिक केंद्र में स्थानांतरित करने के आग्रह वाली याचिका निरर्थक: राजस्थान सरकार

2021-06-18T17:40:34.463

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि बलात्कार के दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम बापू को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है।

राजस्थान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष सिंघवी ने न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ को सूचित किया कि आसाराम की उत्तराखंड में हरिद्वार के निकट एक आयुर्वेदिक केंद्र में स्थानांतरित करने के अनुरोध संबंधी याचिका निरर्थक हो गई है क्योंकि अब अस्पताल में भर्ती होने के कारण उन्हें स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है।

आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि उनके मुवक्किल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और अदालत को मेडिकल रिकॉर्ड मांगना चाहिए। लूथरा ने कहा, ‘‘हम नहीं जानते कि उन्हें क्या बीमारियां हैं। इस अदालत को राज्य से उनके मेडिकल रिकॉर्ड मंगवाने का आदेश देना चाहिए क्योंकि अस्पताल के अधिकारी उन्हें ब्योरा नहीं देंगे।’’
पीठ ने हालांकि कहा कि वह गर्मी की छुट्टी के बाद अदालत के दोबारा खुलने तक मामले को स्थगित कर रही है।

राज्य सरकार ने आठ जून को शीर्ष अदालत से कहा था कि आसाराम ठीक है और उनकी हालत स्थिर है और वह इलाज के बहाने अपनी हिरासत की जगह बदलने की कोशिश कर रहे है।

उत्तराखंड में हरिद्वार के पास एक आयुर्वेदिक केंद्र में विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए सजा को निलंबित करने और अंतरिम जमानत के अनुरोध वाली आसाराम की एक नई याचिका के जवाब में राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत को यह जानकारी दी थी।

आसाराम यौन उत्पीड़न के दो मामलों में उम्रकैद की सजा सहित अलग-अलग जेल की सजा काट रहा है।

राज्य सरकार ने कहा था कि आसाराम छह मई को कोविड​​-19 से संक्रमित पाया गया था और उनका बेहतर ढंग से इलाज किया गया।

गौरतलब है कि जोधपुर की एक अदालत ने 2013 में अपने आश्रम में एक किशोरी के साथ बलात्कार का दोषी पाये जाने के बाद आसाराम को 25 अप्रैल, 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

सबसे ज्यादा पढ़े गए

PTI News Agency

Recommended News