शिअद, बसपा ने 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया

2021-06-12T23:20:27.04

चंडीगढ़, 12 जून (भाषा) पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने शनिवार को गठबंधन किया और इसे ‘‘पंजाब की राजनीति में नया सवेरा बताया।’’
बसपा महासचिव सतीशचन्द्र मिश्रा के साथ संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन की घोषणा करते हुए शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, ‘‘आज ऐतिहासिक दिन है... पंजाब की राजनीति की बड़ी घटना है।’’ उन्होंने कहा कि शिअद और बसपा साथ मिलकर 2022 विधानसभा चुनाव और अन्य चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मायावती नेतृत्व वाली बसपा पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 20 पर चुनाव लड़ेगी, बाकी सीटें शिअद के हिस्से में आएंगी।

बादल ने कहा कि बसपा पंजाब के मालवा क्षेत्र में सात माझा में पांच और दोआबा में आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने बताया कि दोनों पार्टियां मिलकर जल्दी ही एक समन्वय समिति का गठन करेंगी और चुनाव पूर्व कार्यक्रम तय करेंगी।

दोनों दलों के नेताओं ने दावा किया कि गठबंधन 2022 विधानसभा चुनाव में अभूतपूर्व जीत दर्ज करेगा और खराब प्रदर्शन कर रही कांग्रेस को सत्ता से बाहर करेगा। गठबंधन को बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक नयी राजनीतिक व सामाजिक पहल बताते हुये कहा है कि निश्चय ही राज्य में जनता के बहु-प्रतीक्षित विकास, प्रगति व खुशहाली के नए युग की यह शुरुआत करेगा।

इससे पहले शिअद का भाजपा के साथ गठबंधन था, लेकिन पिछले साल केन्द्र द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को लेकर बादल नीत पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का साथ छोड़ दिया। शिअद के साथ गठबंधन में भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ा करती थी। नये गठबंधन को लेकर बसपा नेता मिश्रा ने कहा, ‘‘आज ऐतिहासिक दिन है। राष्ट्रीय दल, बसपा ने पंजाब की सबसे मजबूत पार्टी शिअद के साथ गठबंधन किया है।’’
दोनों दलों के बीच यह गठबंधन 25 साल बाद हुआ है। इससे पहले 1996 में दोनों ने साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था जिसमें 13 में से 11 सीटें उनके हिस्से में आयी थीं।

मिश्रा ने कहा, ‘‘यह गठबंधन अब हमेशा बना रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बसपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस गठबंधन का समर्थन और स्वागत करता है। शिअद और बसपा दोनों ही किसानों की पार्टियां हैं, जिन्होंने दलितों, श्रमिकों, वंचित वर्ग की बेहतरी के लिए काम किया है...’’ उन्होंने कहा कि यह गठबंधन राज्य में अगली सरकार बनाएगी।

बादल ने कहा, ‘‘गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए’’ वह मायावती को धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह दोनों पार्टियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। दोनों दलों की विचारधारा समान है और दोनों हमेशा गरीबों, दलितों और वंचित वर्ग के लोगों के पक्ष में लड़ी हैं।’’
अकाली नेता ने कहा कि शिअद के अनुभवी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने हमेशा राज्य में शांति, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने तथा किसानों, दलितों और वंचित वर्ग के लोगों की बेहतरी के लिए काम किया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमें उस मुख्यमंत्री के बारे में कुछ भी कहने की जरुरत नहीं है, जो अपने ही मंत्रिमंडल का विश्वास खो चुका है, और उनके मंत्री ही उनके खिलाफ बोल रहे हैं।’’
बसपा के हिस्से में जालंधर का करतारपुर, जालंधर पश्चिम, जालंधर उत्तर, फगवाड़ा, होशियारपुर सदर, दासूया, रुपनगर जिले में चमकौर साहिब, पठानकोट जिले में बस्सी पठाना, सुजानपुर, अमृतसर उत्तर और अमृतसर मध्य जैसी सीटें आयी हैं।

बहरहाल, पंजाब की मुख्य विपक्षी पार्टी आप ने गठबंधन को ‘‘पंजाब विरोधी और नापाक’’ बताया। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘आप’ को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर यह गठबंधन हुआ है। आप के पंजाब मामलों के सह-प्रभारी और दिल्ली के विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि ‘‘पंजाब विरोधी दल’’ पंजाब में लोगों द्वारा आम आदमी पार्टी को दिए गए प्यार से ‘‘स्तब्ध’’ हैं।



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PTI News Agency

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