पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का पंजाब, हरियाणा में विरोध प्रदर्शन

6/11/2021 3:35:07 PM

चंडीगढ़, 11 जून (भाषा) कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में वृद्धि के खिलाफ पूरे पंजाब और हरियाणा में पेट्रोप पंपों पर शुक्रवार को सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया और बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के अलावा खाने के तेल, रसोई गैस जैसी दैनिक इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं की कीमत में भी कई गुना वृद्धि हुई है।
कांग्रेस ने अमृतसर, मोहाली, कुराली, पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर, पंचकूला, हिसार, गुरुग्राम, कैथल, अम्बाला, पानीपत, करनाल, फतेहाबाद, रोहतक और फरीदाबाद सहित दोनों राज्यों के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया।
अमृतसर में कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक पुरानी कार में आग लगा दी। उनका कहना था कि वे केंद्र सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि आम आदमी अब ईंधन की कीमतों में वृद्धि की वजह से वाहन रखने का खर्च नहीं उठा सकता।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘ जुमलों की सरकार’, ‘ तेल की मार’ और ‘तेल का खेल’ लिखी तख्तियों को लेकर प्रदर्शन किया तथा केंद्र से बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने की मांग की।
पंचकूला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिये ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमत में वृद्धि से आम आदमी को होने वाली पीड़ा बताने का प्रयास किया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी और टांगे के साथ विरोध प्रदर्शन किया।
हरियाणा के कैथल में कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस दौरान एक ट्रैक्टर को बैलगाड़ी खींचते हुए नजर आई। सुरजेवाला ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उस समय वृद्धि हो रही है जब देश की जनता महामारी से लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में तेजी से हुई वृद्धि से किसानों सहित समाज के विभिन्न वर्गों पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने अम्बाला सिटी में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नीत सरकार आम आदमी की पीड़ा के प्रति ‘असंवेदनशील’ है और ऐसे समय उन पर बोझ डाल रही है जब वे पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कुराली में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा, ‘‘ केंद्र की अहंकारी सरकार मौजूदा संकट के समय में लोगों को राहत देने के बजाय लगातार ईंधन की कीमतों में वृद्धि कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बहुत अधिक थी, इसके बावजूद डीजल की कीमत 50 रुपये प्रति लीटर थी जो अब करीब 90 रुपये प्रति लीटर हो गई है जबकि पेट्रोल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है।’’
जाखड़ ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत अधिक होने के बावजूद डॉ.मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने उसका बोझ आम जनता पर नहीं डाला लेकिन अब मोदी सरकार के कार्यकाल में उल्टा हो रहा है।’’
पंजाब कांग्रेस के नेता राजकुमार वर्का ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में तेजी से हुई वृद्धि ने कोविड-19 महामारी के बीच आम लोगों की कमर तोड़ दी है।



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PTI News Agency

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