दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र, तेलंगाना कोविड-19 टीके के लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित करने की तैयारी में

5/11/2021 9:46:49 PM

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) कोविड-रोधी टीके की कथित कमी के चलते टीकाकरण अभियान प्रभावित होने और बढ़ती मांग के बीच घरेलू टीका उपलब्ध नहीं होने के बीच कई अन्य राज्यों की तरह मंगलवार को दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने भी टीके की खरीद के वास्ते वैश्विक निविदा जारी करने की बात कही।

हालांकि, केंद्र ने कहा है कि वह अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 18 करोड़ से अधिक खुराकें निशुल्क उपलब्ध करा चुका है। वहीं, कई राज्य टीके की कमी का सामना करने की शिकायत कर रहे हैं।

इससे पहले, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्य भी टीके की खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी करने का निर्णय ले चुके हैं।

इस बीच, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री तथा कोविड को लेकर राज्य के कार्यबल के प्रमुख सी एन अश्वत्थ नारायण ने मंगवलार को कहा कि बढ़ती मांग का पूरा करने और 18 से 44 साल की आयु के लोगों को टीके लगाने के लिये वैश्विक निविदा के जरिये कोविड टीकों की दो करोड़ से अधिक खुराकें खरीदी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त तीन करोड़ खुराकों की खरीद का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका हैं, जिनमें एक करोड़ कोवैक्सीन और दो करोड़ कोविशील्ड खुराकें शामिल हैं।

नारायण ने कहा, ''''अब तक हम केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही टीकों की आपूर्ति पर निर्भर थे और खुले बाजार में निविदा आमंत्रित कर इन्हें नहीं खरीदा गया था। अब निविदा आमंत्रित करने का निर्देश दिया गया है और सात दिन में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ''''
उधर, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना वायरस टीके की खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी करेगी क्योंकि उसे टीके की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

सिसोदिया ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार राज्य सरकारों को टीका खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी करने को ''''विवश'''' कर रही है।

तेलंगाना सरकार ने एक बयान जारी कर मंगलवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने कोविड-19 टीके की खरीद के वास्ते वैश्विक निविदा जारी करने का फैसला किया है।

आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने कहा कि टीकाकरण अभियान को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए राज्य सरकार विदेशी निर्माताओं से कोविड-19 टीके की खरीद के लिए एक या दो दिन में निविदा जारी करेगी।

राज्य के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) अनिल कुमार सिंघल ने कहा, '''' कोविशील्ड एवं कोवैक्सीन की कम आपूर्ति के चलते हम किसी विदेशी निर्माता से टीका खरीदने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।''''
उत्तर प्रदेश सरकार भी स्पूतनिक वी और मॉडर्ना तथा जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा तैयार टीकों समेत अंतरराष्ट्रीय कोविड-19 रोधी टीकों की बड़ी मात्रा में खुराकें खरीद सकती है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

राज्य सरकार ने भारी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये इस महीने की शुरुआत में चार करोड़ खुराकों के लिये वैश्विक निविदा आमंत्रित की थी।

उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव नवनीत सहगल ने निविदा के बारे में कहा कि बुधवार को निविदा पूर्व बैठक होगी और इसमें सभी हितधारक भाग ले सकते हैं।

वहीं, देश के कई राज्यों में कोविड-19 टीकों की कमी के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर टीका उत्पादन बढ़ाने के संबंध में सुझाव दिए।

केजरीवाल ने कहा कि देश में टीके का उत्पादन बढ़ाने के लिये केंद्र को दो निर्माता कंपनियों के साथ-साथ अन्य सक्षम फार्मा कंपनियों के साथ टीके का फार्मूला साझा करना चाहिये।
उन्होंने कहा कि केंद्र पेटेंट कानून के जरिए टीके के उत्पादन पर एकाधिकार को भी समाप्त कर सकता है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने केन्द्र सरकार से भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)-एनआईवी को कोविड रोधी टीका कोवैक्सीन बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करने के निर्देश देने की अपील की है।
रेड्डी ने कहा कि टीके की खुराक का उत्पादन बढ़ाने के लिए उन कंपनियों को प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण किया जाना चाहिए जोकि टीके बनाने में सक्षम हैं।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि मौजूदा समय में देश में कोवैक्सीन की मांग के अनुरूप टीके का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इस रफ्तार से लोगों का टीकाकरण करने में कई महीनों का समय लग जाएगा। इसलिए टीके के उत्पादन क्षमता वाली तमाम उन कंपनियों के साथ प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा साझा की जाए ताकि टीके का उत्पादन बढ़ाया जा सके और लोगों को जल्द से जल्द रियायती दर पर टीका उपलब्ध हो सके।
उधर, कोविड-19 रोधी टीकों की कमी के बीच महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को फैसला किया कि वह 18-44 आयुवर्ग के लोगों के लिये आई कोवैक्सीन की तीन लाख शीशी 45 और उससे ज्यादा आयुवर्ग के लोगों के इस्तेमाल के लिये देगी।
संवाददाताओं से बात करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह भी कहा कि राज्य में 45 साल से ज्यादा उम्र के पांच लाख से ज्यादा लोग टीके की दूसरी खुराक का इंतजार कर रहे हैं।
टोपे ने कहा, “अगर तय समय में दूसरी खुराक न लगाई जाए तो टीके के प्रभाव पर व्यापक असर पड़ता है। ऐसे स्वास्थ्य संकट से बचने के लिये प्रदेश सरकार ने 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों के लिये खरीदी गई कोवैक्सीन की तीन लाख शीशियों को 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के टीकाकरण के लिये देने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा कि राज्य के पास 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को दूसरी खुराक देने के लिये कोवैक्सीन की सिर्फ 35000 शीशी उपलब्ध हैं।


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