शीर्ष अदालत का सभी उच्च न्यायालयों को 2021 अपराध प्रक्रिया नियमों का मसौदा अपनाने का निर्देश

2021-04-20T19:55:30.593

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सभी उच्च न्यायालयों को निर्देश दिया है कि वे फौजदारी के मुकदमों को संचालित करने के नियमों के तहत ‘2021 अपराध प्रक्रिया नियमों का मसौदा अपनाएं और सुनिश्चित करें कि मौजूदा नियम, अधिसूचनाएं, आदेश तथा प्रैक्टिस संबंधी निर्देशों को छह महीने के अंदर उचित तरीके से बदलकर लागू किया जाए।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट की पीठ ने कहा, ‘‘अगर इस संबंध में राज्य सरकार का सहयोग जरूरी है तो संबंधित विभाग या विभागों की मंजूरी और कथित मसौदा नियमों की औपचारिक अधिसूचना छह महीने की अवधि के अंदर ली जायेगी।’’
शीर्ष अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि राज्य सरकारें और केंद्र सरकार आज से छह महीने के अंदर अपने पुलिस और अन्य मैनुअलों में परिणामस्वरूप संशोधन करेंगी।

उन्होंने कहा कि सभी फौजदारी मुकदमों में अदालतों को मुकदमे की शुरूआत में, मसलन आरोपियों को तलब करने तथा आरोप तय करने के बाद मामले के प्रबंधन के लिए एक प्रारंभिक सुनवाई करनी चाहिए।

पीठ ने कहा, ‘‘आरोप तय किये जाने के फौरन बाद यह सुनवाई हो सकती है। इस सुनवाई में अदालत को गवाहों की कुल संख्या पर विचार करना चाहिए और उन्हें चश्मदीद, साक्ष्य वाले गवाहों, औपचारिक गवाहों (जिन्हें दस्तावेज आदि पेश करने को कहा जाएगा) और विशेषज्ञों को वर्गीकृत करना चाहिए।’’
2021 अपराध प्रक्रिया नियमों का मसौदा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मुकदमा, साक्ष्यों को दर्ज करने समेत आपराधिक मुकदमे के अनेक पहलुओं से संबंधित हैं।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

PTI News Agency

सबसे ज्यादा पढ़े गए

Recommended News

static