अदालत में याचिका दायर कर यातायात चालान जारी करने वाले तंत्र को खराब बताया, सुधाराने की जरूरत

2020-11-25T16:28:15.977

नयी दिल्ली, 25 नवंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर दावा किया गया है कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत चालान जारी करने का तंत्र "मनमाना और खराब" है तथा बेहतर प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर इसमें सुधार किया जाना चाहिए।
वकील सोनाली करवासरा ने याचिका में कहा कि बिना उचित विश्वस्त प्रौद्योगिकी के चालान जारी किए जा रहे हैं और यातायात उल्लंघन की निगरानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रौद्योगिकी के मानकीकरण की आवश्यकता है।

उन्होंने दावा किया है कि यातायात नियम तोड़ने वालों का पता लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा उपयोग की जाने वाली "अप्रचलित और पुरानी प्रौद्योगिकी के कारण अधिनियम को कुशलतापूर्वक लागू करने में" कई रोड़े" हैं।

उनकी याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस तरह की कई मिसालें हैं कि खराब उपकरण की वजह से भारी जुर्माना लगाया गया और बाद में उसे रद्द किया गया।
अपनी याचिका में उन्होंने एक ऐसा ही उदाहरण दिया जिसमें एनएच 24 पर यातायात विभाग द्वारा अगस्त से 10 अक्टूबर 2019 के बीच तेज गति से वाहन चलाने पर किए 1.57 लाख से ज्यादा चालानों को कथित रुप से वापस लिया गया था।


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PTI News Agency

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