सेबी ने अतुल किर्लोस्कर, अन्य पर 31करोड़ रुपये जुर्माना,वसूली लगायी, छह माह तक की पाबंदी भी

2020-10-21T23:40:13.48

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने प्रतिभूति बाजार से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज लि. (केआईएल) के चेयरमैन अतुल किर्लोस्कर और अन्य पर जुर्माना लगाया है।
साथ ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को जारी तीन अलग-अलग आदेशों के जरिये इन इकाइयों पर तीन माह से लेकर छह माह तक के लिए पूंजी बाजार में कारोबार का प्रतिबंध भी लगाया है।

केआईएल के चेयरमैन अतुल किर्लोस्कर और अन्य से गलत तरीके से अर्जित 16.6 करोड़ रुपये चार प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा इन इकाइयों पर 14.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सेबी को किर्लोस्कर ब्रदर्स लि. (केबीएल) में कथित रूप से भेदिया कारोबार और कामकाज के संचालन में खामियों से संबंधित कई शिकायतें मिली थीं।
इसके बाद नियामक ने मार्च, 2010 से अप्रैल, 2011 के दौरान किर्लोस्कर ब्रदर्स के शेयरों से जुड़े कारोबार की जांच की थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि किर्लोस्कर ब्रदर्स के प्रवर्तकों ने अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील सूचना (यूपीएसआई) होने के बावजूद कंपनी के शेयरों की खरीद-फरोख्त की और अनुचित लाभ अर्जित किया।
जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज लि. (केआईएल) और उसके सार्वजनिक शेयरधारकों के साथ धोखाधड़ी की।

केआईएल के तत्कालीन निदेशकों अतुल चंद्रकांत किर्लोस्कर, निहाल गौतम कुलकर्णी, ए आर साठे और ए एन अलवानी ने केआईएल को केबीएल के तत्कालीन छह प्रवर्तकों के शेयर खरीदने के लिये प्रेरित किया था। और इस तरीके से केबीएल के शेयर केआईएल को बेचने में मदद की। इससे केआईएल और उसके अल्पांश शेयरधारकों को नुकसान हुआ।

सेबी के अनुसार अल्पना राहुल किर्लोस्कर, आरती अतुल किर्लोस्कर, ज्योत्सना गौतम कुलकर्णी, राहुल चंद्रकांत किर्लोस्कर, अतुल चंद्रकांत किर्लोस्कर और दिवंगत गौतम अच्युत कुलकर्णी केबीएल और केआईएल के प्रवर्तक थे।

नियामक के अनुसार ये सभी नौ इकाइयों ने केआईएल के अल्पांश शेयरधारकों के साथ गड़बड़ी और धोखाधड़ी की तथा अनुचित व्यापार गतिविधियां निरोधक (पीएफयूटीपी) नियमों का उल्लंघन किया है।

आदेश के अनुसार दिवंगत गौतम अच्युत कुलकर्णी के कानूनी प्रतिनिधि राशि लौटाएंगे।
एक अलग आदेश में सेबी ने किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज लि. पर सूचीबद्धता शर्तों के उल्लंघन को लेकर 5 लाख रुपये का जुमाना लगाया है।

एक अलग आदेश में सेबी ने चार इकाइयों... किर्लोस्कर ब्रदर्स लि. के चेयरमैन संजय किर्लोस्कर, उनकी पत्नी प्रतीमा संजय किर्लोस्कर, प्रकार इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लि. और कराद प्रोजेक्ट्स एंड मोटर्स लि. पर भेदिया कारोबार नियमों के उल्लंघन को लेकर पूंजी बाजार में सौदा करने पर तीन महीने के लिये पाबंदी लगा दी है।

संजय किर्लोस्कर, उनकी पत्नी प्रतीमा और प्रकार इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लि. तथा कराद प्रोजेक्ट्स एंड मोटर्स लि. पर गलत तरीके से कमाई और जुर्माने को लेकर कुल देनदारी 42.7 लाख रुपये है।
इस बीच, अतुल और राहुल किर्लोस्कर के प्रवक्ता ने कहा कि सेबी ने केआईएल के कुछ प्रवर्तकों और निदेशकों के खिलाफ आदेश दिया है। यह आदेश किर्लोस्कर ब्रदर्स में 2010 में शेयर की बिक्री से जुड़ा है।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अतुल किर्लोस्कर और राहुल किर्लोस्कर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार करते हैं और यह बात दोहराते हैं कि शेयर बिक्री के संदर्भ में सभी जरूरी सूचनाएं दी गयी थी और नियामकीय मंजूरी ली गयी थी।’’
उसने कहा, ‘‘हम सेबी के आदेश को देख रहे हैं और उस पर कानूनी सलाह लेंगे। हम अपने रुख पर भरोसा है और जल्दी इसके खिलाफ अपील की योजना है।’’
उधर, बीएसई को दी सूचना में केबीएल ने कहा कि उसके चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय सी किर्लोस्कर ने कंपनी को सूचित किया है कि उन्हें किर्लोस्कर ब्रदर्स लि. एम्प्लॉयज वेल्फेयर ट्रस्ट में बतौर न्यासी के रूप में सेबी का 20 अक्टूबर का आदेश मिला है। उन्हें यह आदेश शेयर के अंतरण से जुड़े मामले में मिला है।

सूचना के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘‘वह इस संदर्भ में आगे की कार्रवाई के लिये कानूनी सलाह ले रहे हैं।’’


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PTI News Agency

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