कांग्रेस नेत्री कुसुम शर्मा से धोखाधड़ी का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, कहा-आरोपियों से जान का खतरा

2020-09-26T21:47:28.057

चंडीगढ़ (हांडा): फगवाड़ा की वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री कुसुम शर्मा के साथ लोन दिलवाने के बहाने अनूप दुग्गल, दीपक खोसला द्वारा 8 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में पुलिस ने जांच के 17 महीने बाद धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज किया था। लेकिन इस केस में आज तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। 
याचिकाकर्ता कुसुम शर्मा ने इस संबंध में अफसरों को बार-बार शिकायत भी की जिसके बाद उन्हें लगातार आरोपियों की ओर से धमकियां मिल रही हैं। कुसुम ने इस संबंध में भी एस.एस.पी. कपूरथला को 22 अगस्त, 2020 को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।  धमकियों से परेशान होकर कुसुम शर्मा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उनके व परिवार की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। 

 


मामले की सुनवाई जस्टिस हरसिमरन ङ्क्षसह सेठी की कोर्ट में हुई जिन्होंने याची पक्ष के वकील नितिन ङ्क्षमटू की दलीलें सुनने के बाद सभी प्रतिवादियों को 27 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी करते हुए एस.एस.पी. कपूरथला को अगली सुनवाई के वक्त अब तक हुई जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। साथ ही यह भी बताना होगा कि मामले में अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। कुसुम शर्मा ने अपनी पटीशन में यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, क्योंकि दोषी दीपक खोसला का भाई भाजपा का वरिष्ठ नेता है और फगवाड़ा नगर निगम का पूर्व मेयर है। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ पेश हुए डिप्टी एडवोकेट जनरल संदीप ङ्क्षसह देओल ने अदालत को बताया कि इनमें से एक दोषी अनूप दुग्गल विदेश भाग गया है जिसके खिलाफ पी.ओ. की कार्रवाई की जा रही है।
 


Edited By

Vikash thakur

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