पाकिस्तान में हिंदुओं की घर में घुसकर पिटाई का वीडियो वायरल, चौंकाने वाली है सच्चाई

इस्लामाबादः पाकिस्तान में हिंदुओं पर हमले व अत्याचार के मामले आम बात हैं, लेकिन इस बारसोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हिंदू परिवारों को पाकिस्तान की पुलिस खदेड़-खदेड़ कर पीट रही है। इस वीडियो को ये लिखकर शेयर किया जा रहा है कि "देखें पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ क्या होता है. इस वीडियो को देखने के बाद आपकी आंखें भर जाएंगी, हो सके तो कुछ और लोगों को जगा देना। "

वीडियो में काले रंग की वर्दी पहने पुलिस के जवान घरों में जबरन घुसकर लोगों पर डंडे और लात-घूंसे बरसा रहे हैं। घर की महिलाएं चीखती-चिल्लाती हुई नज़र आ रही हैं। पुलिसवाले एक आदमी को घर से खींचकर बाहर निकाल रहे हैं। सबको लाइन में लगाकर एक गाड़ी में डाल दिया जाता है। इस वायरल वीडियो को एक हफ्ते में सबसे ज़्यादा बीजेपी मिशन 2019 नाम के फेसबुक पेज पर सबसे ज़्यादा यानी अब तक 15 लाख से ज़्यादा लोग देख चुके हैं और करीब 45 हज़ार से ज़्यादा लोग इसे शेयर कर चुके हैं। इसके अलावा कई लोगों ने भी इसे फेसबुक पेज पर डाला है। लेकिन जब इस वीडियो का सच सामने आया तो लोग चौंके बिना नहीं रह सके।

इस वीडियो को जब इंटरनेट पर रिवर्स सर्च किया गया तो पता चला कि ये वीडियो सबसे पहले 5 अक्तूबर, 2014 को यू-ट्यूब पर बिलाल अफ़गान नाम के एक शख़्स ने पोस्ट किया था। बिलाल ने वीडियो अपलोड करते हुए लिखा था कि पाकिस्तानी पुलिस ने वहां के नागरिकों को घर में पीटा।उन्होंने अपनी पोस्ट में कही पर किसी धर्म का ज़िक्र नहीं किया था। सिर्फ यही ये वीडियो "पीस वर्ल्डवाइड" नामक एक और यू-ट्यूब पेज पर मिला जिसे 25 मई 2015 को पोस्ट किया गया था। लेकिन इस वीडियो पर जो कैप्शन था वो चौंकाने वाला था। इस पर लिखा था कि ईसाईयों पर अत्याचार करने वाली पुलिस- मैं चाहता हूं कि हर कोई इस वीडियो को देखे, यह दर्शाता है कि पाकिस्तानी सरकार द्वारा ईसाइयों के साथ कितना बुरा व्यवहार किया जा रहा है। यहां पाकिस्तानी पुलिस ईसाइयों के घरों पर छापे मार रही है और गिरफ्तार कर रही है और पिटाई कर रही है।

अब कन्फ्यूज़न इस बात हो गया कि वीडियो हिंदुओं की पिटाई का है, या फिर इसाइयों की पिटाई का। एक न्यूज चैनल द्वारा पाकिस्तान जाकर की गई जांच में पता चला कि ये वीडियो पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर का है और ये अल्पसंख्यक हिंदुओं की पिटाई का नहीं। असल में ये वीडियो 11 जून 2013 का है जब फ़ैसलाबाद के खुर्रियंवला टाउन इलाके में बिजली की बेतहाशा कटौती को लेकर लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।लोगों ने गाड़ियों और पेट्रोल पंप तक फूंक डाले, जिसके जवाब में पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त की पुलिस ने कार्रवाई की और लोगों को घरों में घुस-घुसकर मारा। यहां तक कि महिलाओं को भी नहीं बख्शा। उस वक्त पाकिस्तान के न्यूज़ चैनलों ने भी इस ख़बर को ज़ोर शोर से दिखाया था। जिसके चलते पाकिस्तान के 5 पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिये गए थे। जांच में ये साबित हो गया कि इस वीडियो का किसी जाति या धर्म से कोई लेना देना नहीं है।

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