कैंसिल हो सकेगा आधार, बायोमेट्रिक डीटेल होगी डिलीट!

बिजनेस डेस्कः सरकारी छूट का फायदा नहीं लेने वाले देश के नागरिकों को जल्द ही आधार नंबर लौटाने का अधिकार मिल सकता है। भारतीय विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार अधिनियम मे संशोधन के लिए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड से संबंधित अपने फैसले में 18 साल से कम उम्र के अवस्यकों और बच्चों को आधार प्रणाली से निकालने का अधिकार दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में टेलीकॉम कंपनियों समेत निजी क्षेत्र द्वारा आधार के प्रयोग पर रोक लगा दी थी। दूरसंचार कंपनियां इसके लिए विकल्प तैयार कर चुकी है, जबकि अन्य द्वारा इसका प्रयोग अब नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सरकारी छूट नहीं ले रहे नागरिकों के लिए आधार नंबर रखना अनिवार्य नहीं होगा। इसी के मद्देनजर कानून मंत्रालय ने प्राधिकरण को आधार लौटाने का अधिकार सिर्फ बच्चों को नहीं, बल्कि सभी को मुहैया कराने की राय दी है।

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रिपोर्ट के मुताबिक आधार जारी करने वाली संस्था UIDAI ने आधार ऐक्ट में ‘ऑप्ट आउट’ क्लॉज जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत लोग आधार के सर्वर से अपनी बायोमेट्रिक डीटेल्स हटवा सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस संशोधन की तैयारी कर ली है।

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यूआईडीएआई ने मंत्रालय की राय पर एक कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि कैबिनेट नोट सभी मंत्रालयों को भेज दिया गया है। अगर कैबिनेट नागरिकों को आधार लौटाने की मंजूरी प्रदान कर देता है, तो कोई भी वयक्ति यूआईडीएआई के सर्वर में सुरक्षित बायोमेट्रिक समेत अपना पूरा डाटा आधार से हटा सकेगा।

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सब्सिडी के आधार अनिवार्य
UIDAI के एक अधिकारी के मुताबिक, कैबिनेट द्वारा आधार लौटाने की व्यवस्था की मंजूरी मिलने के बाद अगर कोई आधार वापसी करेगा, तो वह सरकार से कोई सब्सिडी नहीं ले सकेगा। अगर भविष्य में वह सब्सिडी लेना चाहेगा, तो फिर उसे आधार में पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद ही वह सरकार द्वारा किसी भी सेवा में मुहैया कराई जा रही छूट का अधिकारी होगा। 
 

 

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