राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने के आरोप में ईरान के पूर्व उप राष्ट्रपति को सजा

जिनेवा: ईरान के पूर्व उप राष्ट्रपति ई रहीम मसेही को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने तथा अन्य आरोपों के चलते बुधवार को साढ़े छह वर्ष जेल की सजा सुनाई गई। संवाद समिति तस्नीम ने यह जानकारी दी है। 

संवाद समिति के अनुसार मसेही को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने के लिए पांच वर्ष, देश के खिलाफ दुष्प्रचार करने के मामले में एक वर्ष और न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों का अपमान करने के लिए छह माह की सजा सुनाई गई है। वह अपने बयानों को लेकर काफी समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे हैं, खासकर 2008 का उनका यह बयान काफी चर्चा का विषय बना था जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान का रवैया अपने जानी दुश्मन इजरायल के लोगों के लिए मैत्रीपूर्ण है। 

तत्कालीन राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने जब 2009 में उनकी नियुक्ति की थी तो ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खमैनी ने इसका जोरदार विरोध किया था। रहीम मसेही की बेटी का विवाह अहमदीनेजाद के बेटे से हुआ था और बाद में उन्होंने मसेही को चीफ आफ स्टाफ नियुक्त किया था। संवाद समिति ने बताया कि इसी मामले में अहमदीनेजाद के शीर्ष प्रेस सहायक अली अकबर जावानफ्रेक को भी चार वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है। अहमदीनेजाद का कार्यकाल 2005 से 2103 तक था। रहीम मसेही को मार्च तथा जावानफ्रेक को अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। 

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