किसानों को सब्सिडी देकर रेवाड़ी जिले ने रिकॉर्ड कायम किया: कृषि विभाग

चंडीगढ़(धरणी): हरियाणा में फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों को उपकरणों के लिए सब्सिडी दी जा रही है। रेवाड़ी जिला ने व्यक्तिगत और कस्टम हायरिंग सेंटर श्रेणी में सभी आवेदनकर्ता किसानों को सब्सिडी देकर रिकॉर्ड कायम किया है। यह जानकारी बुधवार को चण्डीगढ़ में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ0 अभिलक्ष लिखी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों के साथ हुई बैठक में दी गई।

बुधवार को चण्डीगढ में  डॉ0 लिखी ने उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि 20 सितंबर से पहले व्यक्तिगत और कस्टम हायरिंग सेंटर श्रेणी में जितने किसानों ने बिल जमा करवाएं हैं, उन बिलों की फिजीकल वेरिफिकेशन करवाना और सब्सिडी वितरित करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने रेवाड़ी जिला को दोनों श्रेणियों में सभी आवेदनकर्ता किसानों को सब्सिडी देकर रिकॉर्ड कायम करने पर बधाई दी और अन्य जिलों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में जिन गांवों में आग लगने की घटनाएं हुई थी उन गांवों की सूची हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सभी उपायुक्तों को उपलब्ध करवा दी गई है। इन गांवों के सरपंचों को बुलाकर उन्हें प्रोत्साहित करें कि वे अपने गांवों में फसल अवशेषों को नहीं जलाने देंगे।

बैठक में बताया गया कि 587 गांव संवेदनशील हैं, जहां फसल अवशेषों को जलाने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इस पर डॉ. लिखी ने उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे सभी गांवों में विशेष मुहिम चलाई जाए और किसानों को जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए कि वे अवशेषों को न जलाएं। इसके साथ ही स्कूली बच्चों को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला और खंड स्तर पर कार्यक्रम किये जाएं और किसानों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए और सबको सरकार द्वारा फसल अवशेषों का सही प्रबंध करने के लिए दिए जाने वाले उपकरणों के फायदे और उन पर दी जाने वाली सब्सिडी की जानकारी दी जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ उठा सकें।

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