बच्चियों को बंधक बनाने वाले स्कूल पहुंचे केजरीवाल, बोले-सख्त कार्रवाई होगी

नई दिल्लीः पुरानी दिल्ली के राबिया गर्ल्स स्कूल में फीस न जमा कराने के नाम पर बच्चियों को बैंसमेंट में बंद करने के मामले में आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया स्कूल पहुंचे। उन्होंने सेकूल में बच्चियों और उनके अभिभावकों से मुलाकात की। करीब आधे घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सीएम ने इस मामले में कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। वहीं जब केजरीवाल और सिसोदिया स्कूल पहुंचे तो ऊपरी कक्षाओं की लड़कियों ने स्कूल के बाहर हाथों में पोस्टर लेकर स्कूल के समर्थन में मार्च निकाला। पूर्व छात्राओं का कहना है कि यह सब स्कूल को बदनाम करने की साजिश है। दूसरी तरफ स्थानीय लोगों ने कहा कि स्कूल पहले भी बच्चों और उनके अभिभावकों के तंग करता रहा है।
PunjabKesari
ये है मामला
आरोप है कि सोमवार सुबह जब स्कूल खुला तो सुबह 6:45 बजे नर्सरी और केजी कक्षा की छात्राओं के पेरेंट्स अपने-अपने बच्चों को यहां छोड़ गए। दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपने-अपने बच्चों को लेने पहुंचे तो पता चला कि 59 बच्चियां अपनी क्लास में नहीं थीं। कर्मचारियों से पूछा गया तो पता चला कि फीस न चुकाने पर स्कूल की एचएम (हेड मास्टर) फरह दीबा खान के कहने पर इन बच्चियों को स्कूल के बेसमेंट में रखा गया है। परिजन वहां पहुंचे तो देखा कि बच्चियों को एक तहखाने नुमा कमरे में जमीन पर बिठाया हुआ था। परिजनों का आरोप था कि वहां पंखा भी नहीं थे। साथ ही चार और पांच साल की सभी बच्चियों की भूख व प्यास से बुरी हालत थी। अपने परिजनों को देखकर बच्चियों ने रोना शुरू कर दिया। गुस्साए परिजनों ने जब एचएम से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने बदतमीजी दिखाते हुए परिजनों को बाहर फिकवाने की बात की।
PunjabKesari
स्कूल ने दी सफाई
दूसरी तरफ प्रकरण में स्कूल प्रशासन ने कहा है कि स्कूल में एक एक्टिविटी रूम है जहां कुछ देर बच्चों को बैठने के लिए कहा गया था। इसके अलावा किसी भी बात पर उन्होंने टिप्पणी करने से इंकार किया है और कहा है कि उन्होंने अपना पक्ष पुलिस को दे दिया है।