पाकिस्तानः सिख इंस्पैक्टर पर हुए हमले का भारतीय विदेश मंत्रालय ने लिया नोटिस

इंटरनैशनल डेस्कःपाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान व हमले करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। अभी हालही में पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अफसर गुलाब सिंह के साथ उनके घर में कुछ लोगों द्वारा हाथापाई की गई और उन्हें जबरन घर से निकाल दिया गया। इस संबंध में आज भारतीय विदेश मंत्रालय ने सख्ती करते हुए नोटिस लिया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले ने स्पष्ठ कार्रावाई की मांग करते इस घटना की निंदा की है। अदालत ने इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के दो सदस्यों और पंजाब पुलिस के एक अधिकारी को अवमानना नोटिस भेजा है। 
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गुलाब सिंह शाहीन ने कल एक वीडियो में दावा किया था कि ईटीपीबी से संपत्ति विवाद के बाद उन्हें उनकी पत्नी और बच्चों के साथ लाहौर के डेरा चहल गांव में उनके घर से जबरन निकाल दिया गया। बोर्ड के दो सदस्यों और एक पुलिस निरीक्षक के खिलाफ पुलिस ने जब मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया तो शाहीन ने अदालत का रूख किया। लाहौर सत्र अदालत ने इस संबंध में अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद यातायात वार्डन और उनके परिवार को बाहर करने पर ईटीपीबी अधिकारियों और पंजाब पुलिस के निरीक्षक इम्तियाज अहमद को नोटिस जारी किया है।           
PunjabKesariशाहीन ने आज बताया कि सत्र अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद ईटीपीबी के अधिकारियों और पुलिस अधिकारी ने 10 जुलाई को मेरे घर पर छापा मारा और इसे ईटीपीबी की संपत्ति घोषित करते हुए हमें बाहर निकाल दिया। उन्होंने दावा किया कि बोर्ड के अधिकारियों और पुलिस निरीक्षक ने उन्हें यातना दी और उनकी बांह तोड़ दी।          शाहीन ने कहा कि वह 1996 से अपने घर में रह रहे थे। उन्होंने कहा कि ईटीबीपी ने इस जमीन को गुरुद्वारा के लंगर हॉल का हिस्सा बताते हुए अपनी कार्रवाई को उचित ठहराया है। मेरे दादा यहां 1947 से रह रहे थे और अदालत में मामला लंबित होने के बावजूद मेरे घर को सील करने का बोर्ड को कोई अधिकार नहीं है। पाकिस्तान के एकमात्र सिख वार्डन 2006 में पंजाब यातायात पुलिस से जुड़े थे।

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