लाहौल में 10 बंधुआ बाल मजदूर रैस्क्यू, पुलिस छानबीन में जुटी

लाहौल:लाहौल में प्रशासन व पुलिस ने पटन घाटी से 10 बंधुआ मजदूरों को छुड़ाया है। दिल्ली के एन.जी.ओ. द्वारा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सचिव को लिखित शिकायत करने के बाद लाहौल-स्पीति प्रशासन ने यह कदम उठाया है। दिल्ली की जस्टिस बेंचर ट्रस्ट दिल्ली के जहिद हुसैन ने एक जून को राष्ट्रीय मानव आयोग के सचिव को लाहौल घाटी में बंधुआ मजदूरी मामले की शिकायत की थी। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर लाहौल-स्पीति प्रशासन ने एस.डी.एम. अमर सिंह नेगी और डी.एस.पी. हरिश शर्मा के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की।


बाल मजदूरों को केलांग लाई कमेटी
इस कमेटी ने लाहौल के पटन घाटी में छापामारी की। कमेटी ने 23 मजदूरों को पटन घाटी के लोट, ढवांशा और तोजिंग से रैस्क्यू किया। पूछताछ पर बालिग 13 मजदूरों ने अपनी इच्छा से काम करने की बात कमेटी को बताई जबकि 10 बाल मजदूरों को कमेटी अपने साथ जिला मुख्यालय केलांग ले आई है। सभी मजदूर बिहार के रहने वाले हैं। डी.एस.पी. केलांग हरिश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आई.पी.सी. की धारा 370 और 344 और बंधुआ मजूदरी प्रथा उन्मूलन अधिनियम 1976 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन मजदूरों को लाहौल में कौन लाया है।


रैस्क्यू किए बाल मजूदरों का ब्यौरा
1. हलेंद्र महांजी पुत्र इंद्र देव महांजी चैराह जिला गया।
2. दलीप महांजी पुत्र शिव चरण महांजी, गांव पहाडा जिला गया।
3. अनिल महांजी पुत्र कुलेसर महांजी गांव चैराह जिला गया।
4. विकास कुमार पुत्र रामचंद्र चैधरी गांव पहाडा जिला गया।
5. कमलेश महांजी पुत्र सतन महांजी गांव मौती चौक जिला गया।
6. सिकंदर पुत्र नानक महांजी गांव छेरक जिला गया।
7. धर्मेंद्र पुत्र दशरथ जिला गया।
8. संतोष पुत्र रामब्रिज गांव राजदा जिला गया।
9. गौतम कुमार पुत्र रामरूप महांजी गांव भिनदास जिला गया।
10. गुड्डू पुत्र कांशी महांजी गांव भिनदास जिला गया।