येदियुरप्पा की ताजपोशी से पहले रातभर चला ड्रामा, सुबह 5 बजे तक खुली सुप्रीम कोर्ट

नेशनल डेस्कः कर्नाटक में भाजपा के नेता बी एस येदियुरप्पा के प्रस्तावित शपथ ग्रहण की पृष्ठभूमि में कांग्रेस-जद (एस) आधी रात को सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जिसकी सुनवाई रात में करीब सवा दो बजे शुरू हो गई। कांग्रेस-जद (एस) ने अचानक रात को अतिरिक्त रजिस्ट्रार के समक्ष मामला दर्ज किया था, जिसे मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के आवास पर ले जाया गया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने मध्य रात्रि के बाद दो बजे सुनवाई के लिए पीठ गठित की।
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कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी जिरह कर रहे हैं, जबकि येदियुरप्पा की ओर से पूर्व एटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने मोर्चा संभाला है। केंद्र सरकार की ओर से एटर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एवं मनिन्दर सिंह पेश हो रहे हैं।
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ये हुआ कोर्ट में

  • रात 9.40 बजे: कर्नाटक राज्‍यपाल ने येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने का न्‍यौता दिया और 15 दिन में बहुमत साबित करने को कहा।
  • रात 10.40 बजे: राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई और येदियुरप्‍पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की मांग की।
  • रात 11 बजे: सुप्रीम कोर्ट के असिस्‍टेंट रजिस्‍ट्रार ने CJI के घर पहुंचकर कांग्रेस की अर्जी की जानकारी दी।
  • रात 12:25 बजेः सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ अध‍िकारियों की टीम CJI के घर पहुंची।
  • रात 1:05 बजे: सुप्रीम कोर्ट ने रात 1 बजकर 45 मिनट पर सुनवाई के लिए समय तय किया और इसके लिए चीफ जस्‍ट‍िस ने 3 जजों की बेंच तय की।
  • रात 1:40 बजे: भाजपा-कांग्रेस दोनों पक्षों के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। कांग्रेस एवं जद(एस) गठबंधन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा की तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एवं मनिन्दर सिंह पेश हुए।
  • रात 2 बजे: करीब 15 मिनट की देरी से सुनवाई शुरू हुई। न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी, न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने केस की सुनवाई की।
  • रात 2.10 बजे:  केंद्र सरकार की ओर से एटर्नी जनरल के के वेणुगोपाल भी पेश हुए।
  • सुबह 5.16 बजे: सुप्रीम कोर्ट में बहस पूरी हुई। कोर्ट ने येदियुरप्‍पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।
  • सुबह 5.30 बजे: कोर्ट ने प्रदेश भाजपा को नोटिस जारी करके उसे शुक्रवार को साढ़े 10 बजे तक राज्यपाल वजूभाई वाला को 15-16 मई को सौंपी गई चिट्ठी की प्रति जमा कराने को कहा है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार निर्धारित की गई है। 
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