ड्रोन भी नहीं ढूंढ पाया जेल से फरार भाइयों के पैरों के निशान

लुधियाना (स्याल): तीन दिन पहले सायं लगभग 8.15 बजे सैंट्रल जेल से हवालाती 2 भाइयों का कल्लू गेट से सैंट्रल ब्लाक की तरफ जाने के उपरांत सी.सी.टी.वी. की फुटेज में नजर न आना अभी तक रहस्य बना हुआ है। लेकिन उसके बाद जेल के अन्दर गटरों का तलाशी अभियान चलाना व मुलाकात कमरे की दीवार पर कुछ चिन्हों का मिलना किसी साजिश की तरफ इशारा करता है। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस अलग-2 थ्यूरियों पर जांच कर रही है।

13 मई रात्रि 8.15 बजे के आज 16 मई 10.30 बजे तक 62 घंटे के बीतने के बाद आज डॉग स्क्वॉयड व फिंगर प्रिंट टीम सैंट्रल जेल पहुंची। उन्होंने मुलाकात कमरे के साथ लगती बाहरी दीवार पर डॉग को लेकर बुड्ढे नाले की एक छोटी पुली तक सर्च भी करवाई। इसके उपरांत जेल के अंदर कई एकड़ में फैली जेल की दीवार के साथ भी सर्च करवाया। जेल के मुख्य द्वार पर एक सूचना पत्र चिपका दिया है जिसमें पेशी से वापस जेल आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के मोबाइल जेल के अन्दर न लेकर आने के सख्त निर्देश दिए हैं।

अगर जेल डयोडी में किसी से मोबाइल तलाशी दौरान बरामद हो जाता है उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।  जेल परिसर में सीढ़ी के माध्यम से ए.डी.सी.पी. राजबीर सिंह बोपाराय ने मुलाकात वाले कमरे की छत पर जाकर दोबारा निरीक्षण किया। इसके बाद लगातार जेल के अंदर 5 घंटे तक जांच की। जेल के सुपरिंटैंडैंट शमशेर सिंह बोपाराय ने बताया कि आज जेल में जेल प्रशासन व पुलिस ने एक अभियान के अंतर्गत संयुक्त रूप से एक ड्रोन के माध्यम से चैकिंग की लेकिन उसमें भी किसी तरह के निशान नजर नहीं आ रहे हैं। जेल प्रशासन ने पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन को पत्र लिखकर सीवरेज की चैकिंग के लिए टीम मांगी है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों से जेल में पड़ी सीवरेज लाइन के नक्शे भी मंगवाए जा रहे हैं।