Rcom के ख‍िलाफ मामला NCLT में स्वीकार, 20% तक लुढ़के शेयर

नई दिल्लीः अनिल अंबानी के मालिकाना हक वाली रिलायंस कम्युनिकेशन की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने कंपनी के ख‍िलाफ बैंकरप्सी प्रोसीडिंग (दिवालियापन की कार्रवाई) शुरू करने की याचिका को स्वीकार कर लिया है।

इसके चलते कर्ज में डूबी आरकॉम के लिए रिलायंस जियो इंफोकॉम को अपना वायरलेस बिजनेस बेचने की योजना को धक्का लग सकता है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली।

20% तक गिरे शेयर
बुधवार को कारोबार के दौरान रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर 20 फीसदी तक गिरे। हालांकि कारोबार खत्म होने तक यह गिरावट कम हुई और कंपनी के शेयरों में गिरावट 15.26 फीसदी पर आ गई। एन.सी.एल.टी. ने स्वीडिश कंपनी एरिक्सन की आरकॉम और इसकी सब्स‍िडरी कंपनियों के ख‍िलाफ दर्ज की गई बैंकरप्सी प्रोसीड‍िंग की याचिका को स्वीकार कर लिया है। एरिक्शन ने 2014 में कंपनी के साथ 7 साल की एक डील साइन की थी।

भारी कर्ज में डूबी Rcom
इस डील के तहत उसने रिलायंस कम्युनिकेशंस का नेशनवाइड टेलीकॉम नेटवर्क संभालने का जिम्मा हासिल किया था। एरिक्सन अब आरकॉम और इसकी दो सब्स‍िडरी कंपनियों से 1155 करोड़ रुपए का दावा कर रही है। रिलायंस टेलीकॉम (Rcom) भारी कर्ज में डूबी हुई है। उस पर देश के और विदेशी बैंकों का 7 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज है। आरकॉम के खिलाफ दिवालियापान की कार्रवाई किए जाने की याचिका स्वीकार होने के बाद कंपनी के मालिक अनिल अंबानी को झटका लग सकता है। 

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