डायबिटीज मरीजों के लिए एप्पल साइडर विनेगर सही है या नहीं?

एप्पल साइडर विनेगर यानि सेब का सिरका भूरे रंग का तरल होता है जो सेबों में खमीर के उठने से बनता है। इसे ACV भी कहा जाता है। इसमें विटामिन्स  ए,सी और ई, पोटेशियम, केल्शियम, मेग्निशियम, ऐसिटिक एसिड,अमीनो एसिड सहित और भी बहुत से जरूरी तत्व होते हैं। यह बहुत अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट भी माना जाता है, जो शरीर से हानिकारक फ्री रेडिकल्स बाहर निकाल कर प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का काम करता है। मोटापा घटाने, सीने की जलन दूर करने,कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल,ब्लड प्रैशर,पाचन शक्ति बढ़ाने और डायबिटीज में भी सेब का सिरका बहुत लाभकारी है लेकिन डायबिटीज से रोग के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है। 
 


डायबिटीज में सेब का सिरका
मधुमेह यानि डायबिटीज रोग लाइफस्टाइल पर बहुत बुरा असर डालता है। इससे खान-पान को लेकर बहुत ध्यान रखना पड़ता है। शूगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए मीठे से परहेज तो करना ही पड़ता है, साथ ही इस बात की भी केयर करनी पड़ती है कि कहीं शूगर कम न हो जाए। दोनों तरह से ही सेहत को भारी नुकसान पहुंचता है। यह बात भी बिल्कुल सच है कि डायबिटीज अपने साथ और भी कई तरह के रोग लेकर आती है इसलिए जरूरी है कि इसे शुरुआत में ही कंट्रोल कर लेना चाहिए। सेब का सिरका मधुमेह को कंट्रोल करने का भी काम करता है। 
 


क्या डायबिटीज कंट्रोल करता है सेब का सिरका? 
मधुमेह को लेकर लोगों के मन में इस बात का डर हमेशा बना रहता है कि कौन सी चीज का सेवन करने से ज्यादा फायदा मिलेगा। सेब का सिरका इसके लिए बैस्ट माना जाता है। एप्पल साइडर विनेगर का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। दिन में एक बार एक गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका डालकर पीना लाभकारी है क्योंकि इसमें एसिडिक एसिड,स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट पाचन में बहुत मददगार है। जिससे खून में ग्लूकोज का लेवल कंट्रोल रहता है। 


डायबिटीज में इस बात का रखें ख्याल 
हर किसी केे शरीर में खून के इन्सुलिन की मात्रा और ग्लूकोज का लेवल अलग-अलग होता है, इसलिए यह जरूरी है कि सेब के सिरके का सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। इसके बाद भी अपने आहार में इसे शामिल करना शुरू करें। 


सेब के सिरके के साइड इफैक्ट 
1. इस सिरके का ज्यादा सेवन करने से एसिडिटी और पेट में जलन हो सकती है। 
2. सेब के सिरका का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से दांतों का पीलापन और शरीर में पौटाशियम की कमी होने का डर रहता है। 
3. लगातार कई महीनों कर इसका सेवन करने से वजन कम होने का डर रहता है। 
4. किसी तरह की दवाई का सेवन कर रहे हैं तो इसे अपने आहार में शामिल  करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। 

 

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