अगर आप आम खाने के शौकीन हैं तो जरूर पढ़ें खबर

पालमपुर:गर्मी का मौसम और आम न खाएं भला ऐसा हो सकता है। इन दिनों आम के शौकीन लोग इसे खाने में लगे हुए हैं। वहीं समय से पहले मार्कीट में पहुंचे आम सेहत को बिगाड़ सकते हैं। पके हुए आम का सीजन आमतौर पर मई के तीसरे हफ्ते से शुरू होता है जो अगस्त के पहले हफ्ते तक जारी रहता है। इस सीजन में जो आम आते हैं वे प्राकृतिक रूप से पके होते हैं। इस बार अप्रैल के पहले हफ्ते से मार्कीट में आम दिखने शुरू हो गए हैं जिसका सीधा कारण है इसको पका कर मार्कीट में भेजना। इनमें से अधिकतम आम कार्बाइड से पकाए गए थे। कार्बाइड का इस्तेमाल फलों को जल्दी पकाने में इस्तेमाल किया जाता है इससे पकाए फलों में कोई स्वाद नहीं होता है। खुशबू काफी कम होती है या फिर न के बराबर होती है। केले तो 1 दिन बाद गल कर काले पड़ जाते हैं यह बाजार में 30-40 रुपए किलो हिसाब से आसानी से मिल जाता है। इस प्रकार से फलों के मार्कीट में आने से ये फल हमारी सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं।


कैसे पहचानें फलों को
लोगों की सेहत अच्छी रहे इसके लिए फलों की पहचान होना भी जरूरी है। इसके लिए अगर पीले आम में कहीं-कहीं हरे धब्बे नजर आए तो समझ जाइए कि आम में घपला है। कार्बाइड से पके फल का स्वाद खाने पर कच्चा और स्वादहीन होगा। ऐसे फलों का रंग एक जैसा नहीं होगा। फलों का रंग 2-3 दिन में पीले से काला हो जाए तो समझिए कार्बाइड से पके हैं। कार्बाइड से पकाए गए फल का कुछ हिस्सा ज्यादा पका होगा तो कुछ जगह कम। कुदरती रूप से पके फल ज्यादा दिनों तक खाए जा सकते हैं और वे जल्दी खराब नहीं होते जबकि कार्बाइड से पकाए फल जल्दी खराब होते हैं।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!
× RELATED पानीपत की सब्जी मंडियों में जमकर खरीदा जा रहा पाकिस्तानी आम(Video)