फतेहवीर की मौत के बाद पहली बार सामने आया NDRF का बयान

नई दिल्ली/चंडीगढ़ःफतेहवीर मामले में खुद पर लग रहे आरोपों पर एन.डी.आर.एफ. ने सफाई दी है। एन.डी.आर.एफ. के डी.जी.पी. रणदीप राणा ने कहा कि बोरवैल में गिरे फतेहवीर को बचाने के लिए उनकी टीम ने हर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। डी.जी.पी. ने कहा कि एन.डी.आर.एफ. किसी भी तरह का कोई क्रेडिट लेने के लिए काम नहीं कर रही थी, हमारा मकसद सिर्फ और सिर्फ बच्चे को बचाना था। 

PunjabKesari

यह रैस्कयू ऑपरेशन नहीं बल्कि सर्जिकल ऑपरेशन जिसमें एन.डी.आर.एफ. ने पूरे यत्न किए पर बच्चा बुरी तरह बोरवैल में फंस चुका था उसके ऊपर बोरी थी जिस कारण उसे ऊपर खींचने में दिक्कत आ रही थी। एन.डी.आर.एफ. प्रमुख ने कहा कि टीम लगातार डॉक्टरों की सलाह से ही काम कर रही थी पर रेतीली मिट्टी होने के कारण भी इस ऑपरेशन में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उन्हें अफसोस है कि वह बच्चे को बचाने में कामयाब नहीं हो सके। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा ऑपरेशन में दिए गए सहयोग की एन.डी.आर.एफ. ने प्रशंसा की है।

PunjabKesari
बता दें कि फतेहवीर सिंह के बोरवैल में गिरने के बाद अगले दिन एन.डी.आर.एफ. ने मोर्चा संभाला था पर कई यत्न के बावजूद भी 109 घंटों के लंबे समय दौरान ही फतेह को बचाया नही जा सका। आखिर में मंगलवार सुबह 5.20 पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा फतेह को उस ही बोरेवैल से निकाल लिया गया, जिसमें वह गिरा था। 

PunjabKesari

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!