गेहूं में ज्यादा नमी होने के कारण खरीद प्रक्रिया में देरी

जलालाबाद (सेतिया): अनाज मंडी में गेहूं में नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण इसकी खरीद को फिलहाल रोक दिया गया है। गेहूं की नमी चेक किए जाने पर 14 से 15 प्रतिशत नमी पाई गई है। जबकि सरकार के निर्देशों के मुताबिक 12 फीसदी नमी वाली गेहूं किसानों से खरीदी जानी है।
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मार्केट कमेटी गहूं की आवक के सही आंकड़े किसानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 700 क्विंटल गेहूं की आवक जलालाबाद व आसपास फोकल प्वाइंटों पर बता रही है, लेकिन जलालाबाद की अनाज मंडी व फोकल प्वाईंटों पर गेहूं की आमद की बात की जाए तो जलालाबाद की मुख्य अनाज मंडी में 10 हजार क्विंटल व विभिन्न अनाज मंडियों में चक खेतेवाला, घुबाया, चक सोतरीया, जानीसर, पंजेके उजाड़ में 2 हजार क्विंटल गेहूं की आवक होने की संभावना है, लेकिन यह सवाल यह खड़ा होता है कि आखिरकार गेहूं की आवक को लेकर कमेटी अपने रिकॉर्ड पर चढ़ाने के लिए क्यों गुरेज कर रही है। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार के दिशा निर्देशों में सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा 12 प्रतिशत नमी वाली गेहूं खरीद की जानी है, लेकिन मौजूदा हालातों में खराब मौसम के चलते गेहूं की नमी बढ़ रही है, जिस कारण खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है। यह ही नहीं मंगलवार देर शाम तक कमेटी के रिकॉर्ड के अनुसार किसी भी खरीद एजेंसी द्वारा गेहूं की कोई खरीद नहीं की गई, जबकि आढ़ती एसो. के प्रधान जरनैल सिंह ने बताया कि जलालाबाद की मुख्य अनाज मंडी में करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं की आमद हो चुकी है।
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सरकार की हिदायतों के अनुसार 12 प्रतिशत नमी वाली गेहूं की खरीद की जानी है और किसानों को अपील की है कि वह मंडियों में अपनी गेहूं को सुखाकर लाए ताकि गेहूं की बिक्री संबंधी किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि गेहूं की खरीद शुरू करवाने के लिए जब मार्केट कमेटी के अधिकारियों को कहा कि गया तो गेहूं की नमी चेक किए जाने पर 14 से 15 प्रतिशत नमी पाई गई। इस अवसर पर विभिन्न गांवों के किसानों गुरचरन सिंह हडडी वाला, गुरजंट सिंह चक सैदोका, जगसीर सिंह चक सवाह वाला, सरबजीत सिंह घांगा, जागर सिंह महालम, बोहड़ सिंह चक सैदोका ने बताया कि वह गत 2-3 दिनों से अनाज मंडी में गेहूं लेकर आए हैं, लेकिन खरीद अधिकारी अधिक नमी की बात कहकर गेहूं की खरीद नहीं कर हैं। उन्होंने बताया कि अगर सरकार 12 प्रतिशत गेहूं की नमी की खरीद की बात करती है तो यहां मौसम में सरकार को किसानों का साथ देना चाहिए और नमी में कुछ  छूट देकर किसानों को टाईम से फ्री करना चाहिए।
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किसानों ने बताया कि मौसम का डर प्रत्येक किसान को सता रहा है और प्रत्येक कोई किसान समय पर अपनी गेहूं की कटाई के कारण खाली होना चाहिए।इस संबंधी मार्केट कमेटी के अधिकारी बलजिंदर सिंह से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि जलालाबाद व अन्य फोकल प्वाईटों में करीब 500 से 700 क्विंटल गेहूं की आमद व मौसम खराब होने की वजह के कारण मंडी में गेहूं नहीं आ रही व अगर कल मौसम साफ रहा तो सरकारी बोली शुरू कर दी जाएगी। एक ओर जहां पंजाब सरकार मंडियों में खरीद प्रबंधों को लेकर दावे करती है, वहीं स्थानीय मार्केट कमेटी के आंकड़े की आमद को लेकर ही सही नहीं लग रहे व जैसे-जैसे सीजन आगे ओर बढ़ेगा, जिस तरह की लापरवाही की तस्वीर देखने को मिल रह है, तो उसे कैसे उम्मीद की जा सकती है कि स्थानीय मार्केट कमेटी के कर्मचारी उच्चाधिकारियों तक सही रिपोर्ट पेश कर सकेंगे।

 

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