पोलिंग बूथों पर ड्यूटी करने वाले अब नहीं बना सकेंगे बीमारी का बहाना, EC ने किए ये खास प्रबंध

कानपुरःदिन प्रतिदिन बढ़ती गर्मी के मद्देनजर चुनाव आयोग ने पहली बार मतदान में एयर एम्बुलेन्स के इंतजाम किए हैं। चौथे चरण के मतदान के दौरान कानपुर और आसपास के जिलों में बीमार पड़ने वाले मतदानकर्मियों को एयरलिफ्ट किया जायगा और उन्हें बड़े अस्पताल पहुंचाया जायगा। इससे बीमारी का बहाना बनाकर चुनाव की ड्यूटी से भागने वालों पर भी अंकुश लग सकेगा।
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चुनाव में दी जा रही हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाएं
इस बार चुनाव में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाऐं दी जा रही हैं। 29 अप्रैल को मतदान दिवस पर कानपुर के चकेरी एअरपोर्ट पर एयर एम्बुलेन्स तैयार खड़ी रहेगी। चुनाव ड्यूटी कर रहे किसी भी कर्मचारी, अधिकारी या जवान की तबियत बिगड़ती है तो उसे एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया जायगा। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवस्था बेहद कारगर और भरोसेमंद साबित हो सकती है।
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कानपुर जिला प्रशासन को चुनाव आयोग के निर्देश
कानपुर जिला प्रशासन को चुनाव आयोग के निर्देश मिले हैं कि सूचना मिलते ही एअर एम्बुलेन्स मौके पर रवाना की जाए। इसमें मेडिकल टीम साथ रहेगी जो बीमार को तुरंत प्राथमिक उपचार देगी और फिर अस्पताल पहुंचाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव में एक दर्जन से अधिक मतदान केन्द्रों पर मतदानकर्मियों के बीमार पड़ने की खबरें आयीं थी। एक दशक पहले ऐसी एक घटना में एक पीठासीन अधिकारी की मौत भी हो चुकी है।
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सवा 8 लाख रूपये होंगे खर्च
हालांकि एयरलिफ्ट कोई सस्ता और आसान उपाय नहीं है। इसके लिये मतदान केन्द्रों के आसपास खुले मैदान भी चिन्हित किए जा रहे हैं। जहाॅ हैलीएम्बुलेन्स को उतारा जा सके। अगर खर्च की बात करें तो एक दिन के इस इंतजाम में सवा 8 लाख रूपये खर्च होगें। जिसमें 6 लाख तो अकेले चार घण्टे की उड़ान का खर्च होगा। लगभग डेढ़ लाख रूपया मेडिकल टीम पर व्यय आयेगा और 70 हजार रूपये क्रू मेम्बर और मेडिकल टीम के रहने खाने पर खर्च होगा।

बहरहाल कुछ भी हो अब सुदूर क्षेत्रों में चुनाव ड्यूटी पर जाने से कतराने वाले भरोसा कर सकते हैं कि चुनाव आयोग उनसे काम ले रहा है तो उनके स्वास्थ्य सुरक्षा की गारण्टी भी दे रहा है।



 

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