परीक्षा में बच्चों को सामाजिक विज्ञान की जगह बांटे पंजाबी के प्रश्र पत्र, बच्चों के देख उड़े होश

लुधियान(विक्की): सरकारी स्कूलों में चल रही 8वीं की वार्षिक परीक्षाओं में स्टेट कौंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.) के प्रबंधों की पोल उस समय खुल गई जब परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र के बंडल खोलते ही उसमें से किसी अन्य विषय की परीक्षा के प्रश्न पत्र निकल आए। बताया जा रहा है कि राज्य के कई जिलों में ऐसे मामलों की शिकायत विभाग को पहुंची है। 

जानकारी के मुताबिक एस.सी.ई.आर.टी. की ओर से ली जा रही परीक्षाओं के अंतर्गत वीरवार को 8वीं कक्षा का सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर था लेकिन कुछ परीक्षा केंद्रों में जब बच्चों को पेपर बांटने के लिए प्रश्न पत्र के बंडल खोले गए तो उसमें से पंजाबी विषय के प्रश्न पत्र निकल आए। एक-दो स्कूलों में तो स्टाफ ने बिना देखे ही बच्चों को पंजाबी के प्रश्न पत्र ही बांट दिए लेकिन जब बच्चों ने पंजाबी का प्रश्न पत्र हाथ में आया देखा तो वे भी हैरान रह गए। यहां बता दें कि पंजाबी विषय की परीक्षा 19 मार्च को है।

छात्रों ने फोटो कॉपी और ब्लैक बोर्ड से उतारे प्रश्न 
परीक्षार्थियों ने सामाजिक विज्ञान के पेपर की जगह पंजाबी का पेपर दिए जाने का संबंधी अध्यापकों को बताया तो ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ भी पंजाबी का प्रश्न पत्र देखकर दंग रह गया। इसी बीच आनन-फानन में स्टाफ ने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के ध्यान में उक्त मामला लाते हुए उनसे बात की। स्थानीय अधिकारियों ने मुख्य दफ्तर से सम्पर्क करके बच्चों को सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पत्र अन्य स्कूलों से मंगवाकर उसकी फोटो कॉपी करवाकर हल करने के लिए दिए। वहीं कई स्कूलों में फोटो कॉपी की सहूलियत ऐन मौके पर न होने के कारण बच्चों को सामाजिक विज्ञान का प्रश्न पत्र ब्लैक बोर्ड पर लिखकर दिया गया जहां से देखकर बच्चों ने अपना पेपर हल किया। 

बच्चों को दिया फालतू समय: डिप्टी डी.ई.ओ.
डिप्टी डी.ई.ओ. आशीष कुमार ने बताया कि जिले के करीब 7 स्कूलों में सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पत्र के बंडल से पंजाबी के प्रश्न पत्र निकलने के मामले सामने आए हैं। स्कूलों से सूचना आते ही स्टाफ को सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पत्रों की फोटो कापी करवाकर बच्चों को बांटने के निर्देश दिए गए थे। बच्चों को पेपर हल करने के लिए पूरा समय (अतिरिक्त) भी दिया गया है ताकि उन्हें कोई दिक्कत ना आए। 

‘‘इस मामले में सिर्फ लुधियाना से ही नहीं बल्कि अन्य जिलों से भी शिकायतें आई हैं। अभी पंजाबी का पेपर 19 मार्च को है। ऐसे में अब पूरे राज्य में ही पंजाबी का पहले से भेजा गया प्रश्न पत्र बदलकर उसके स्थान पर नए प्रश्न पत्र भेजे जाएंगे। पेपर अपनी पहले से ही तय तारीख पर होगा। इसके अलावा सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पत्रों की जगह पंजाबी के प्रश्न पत्र बंडल से निकलने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटनाक्रम में जिसकी गलती सामने आएगी उस पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।’’- इंद्रजीत सिंह, डायरैक्टर एस.सी.ई.आर.टी. 

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