World Hindi Day: जानिए हर साल 10 जनवरी को क्यों मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस

2020-01-10T10:25:36.4

नई दिल्लीः भाषा की मनुष्य के जीवन में अहम भूमिका है। भाषा के माध्यम से ही देश ही नहीं बल्कि विदेशों के साथ संवाद स्थापित किया जा सकता है। ऐसी ही एक भाषा हिन्दी है जो राष्ट्र की राजभाषा, संपर्क भाषा, राष्ट्रभाषा होने के साथ-साथ वैश्विक फलक पर भी अपनी उपयोगिता बना रही है। हिन्दी विश्व भाषा की श्रेणी में स्थापित हो चुकी है। आज हिन्दी प्रेमियों, भाषाविदों, अनुवादकों, विदेशी दूतावासों में काम करने वाले हिन्दी के प्रहरी, विदेशी विश्वविद्यालयों में हिन्दी का अध्यापन करने वाले सभी लोगों के लिए हर्ष का दिन है कि आज 10 जनवरी के दिन विश्व हिन्दी दिवस विश्वभर में धूमधाम से मनाया जाता है। 

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10 जनवरी, 2006 को भारत सरकार ने इसे विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन 10 जनवरी, 1975 को नागपुर में किया गया था। अभी तक पोर्ट लुईस, स्पेन, लंदन, न्यूयॉर्क, जोहानसबर्ग आदि सहित भारत में विश्व हिन्दी सम्मेलनों का आयोजन किया जा चुका है। इसी दिवस को मनाने के लिए प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मानाया जाता है। 

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विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर विश्वभर में फैले हुए भारत के दूतावासों, विदेशों के विश्वविद्यालयों की हिन्दी शिक्षण पीठों में, भारत के सभी सरकारी कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों  भिन्न-भिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिससे कि हिन्दी के बारे में व्यापक प्रचार- प्रसार किया जा सके। इस दिन माननीय प्रधानमंत्री जी का संदेश भी विश्वभर में पढ़ा जाता है। 

हिन्दी के बारे में रोचक तथ्य
• विश्व के अनेकों विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जाती है।
• हिन्दी दुनियाभर में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली पांच भाषाओं में से एक है।
• फिजी में हिन्दी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है।
• अब हिन्दी भाषा में वेब एड्रेस या यू आर एल भी बनाए जाने लगे हैं।
• अंग्रेजी भाषा भी हिन्दी के शब्दों को अपना रही है जैसे अवतार-Avtaar,  योग-Yoga आदि
• देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिन्दी भाषा विश्व की सबसे सरलतम वैज्ञानिक भाषा है। 
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हिन्दी के बारे में विद्वानों के विचार
• हिन्दी के माध्यम से सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है- स्वामी दयानंद
• भारत के हर भाग में शिक्षित-अशिक्षित, ग्रामीण तथा शहरी सभी हिन्दी के समझते हैं- राहुल सांकृत्यायन
• मैं किसी भी विदेशी भाषा का विरोध नही करता, लेकिन मेरे ही देश में हिन्दी का सम्मान न हो मैं सहन नहीं कर सकता- विनोबा भावे
• हिन्दी देश की राष्ट्रभाषा है- महात्मा गांधी
वैश्विक फलक पर हिन्दी को बढ़ाना देने के लिए सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाएं कार्यरत हैं लेकिन भारत सरकार का विदेश मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय इस दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। हिन्दी का विश्व में प्रचार प्रसार करने के लिए मॉरीशिस में विश्व हिन्दी सचिवालय की स्थापना भी की गई है। इस सचिवालय का उद्देश्य हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है तथा हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र महासभा की आधिकारिक भाषा बनाना है। 


Edited By

Anil dev

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